भूपेश सरकार ने पेश किया अब तक सबसे बड़ा बजट मजदूरों को तरजीह

  • किसानों पर फोकस, कर्जमाफी, समर्थन मूल्य और बोनस
  • प्रत्येक राशन कार्ड में 35 किलो चावल, विधायक निधि अब बढ़कर हुआ 2 करोड़

खबर छत्तीसी. बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय और गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के मूल मंत्र के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपना पहला बजट पेश किया। ओवर ऑल यह पूरा बजट गांव, गरीब और किसानों सहित मजदूरों पर फोकस था। सीएम बनने के बाद भूपेश बघेल ने जिन उद्देश्यों को लेकर कामकाज शुरू किया था ठीक वैसा ही उनके बजट में भी देखने को मिला।

21 हजार 997 हजार करोड़ रुपए की राशि का बजट में प्रावधान सिर्फ किसानों के लिए… जाहिर है छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल ने अपना पूरा फोकस किसानों के इर्द-गिर्द ही रखा है। बता दें कि ये प्रदेश के वही अन्नदाता है जिसके दम पर कांग्रेस 15 साल बाद सत्ता में लौटी थी। यह राशि पिछले साल की तुलना में डेढ़ गुना अधिक है। वहीं कृषि विभाग के बजट में 71 फीसदी की बढौत्तरी करते हुए इसे 7 हजार 604 करोड़  का प्रावधान किया गया है। धान के बोनस के लिए भी 5 हजार करोड़ की राशि दी जा रही है। किसानों के अल्पकालीन कृषि कर्ज को माफ करने के लिए 4 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे सीधे तौर पर 20 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। वहीं सीएम भूपेश के इस बजट में सिंचाई कर भी माफ करने के लिए 207 करोड़ का प्रावधान है जिससे प्रदेश के 15 लाख किसान इसका लाभ ले सकते हैं।

Largest budget till dateबजट में भूपेश सरकार ने अपना एक और बड़ा चुनावी वादा पूरा करते हुए बजट में बिजली बिल हाफ कर दिया है। उपभोक्ताओं के 400 यूनिट तक का बिजली बिल हाफ होगा। इसके लिए 400 करोड़ का प्रावधान किया गया है। … खास बात कि बजट में किसी नए कर का प्रावधान नहीं। सीएम बघेल ने सरकार के सूत्र वाक्य नरवा-गरवा-घुरवा-बारी के जरिए गांवों की तरक्की के लिए बजट में प्रावधान रखा है। इसमें गांव के लोगों को रोजगार मुहैय्या कराने इसे मनरेगा से जोड़ा गया है। मसलन किसानों के साथ-साथ गांव और गांव वालों की तरक्की के ढेरों प्रावधान बजट में समाहित हैं।

अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों और गरीबों के लिए राजकोष के दरवाजे खोल दिए। विधानसभा में पेश किया गया, इसे लोकसभा का चुनावी बजट कह सकते हैं।

नजर डालते हैं सीएम भूपेश के इस बजट पर…….
  • कृषि ऋण माफ करने के लिए 5 हजार करोड़ का प्रावधान
  • गरीब परिवारों को 35 किलो चावल देने के लिए 4 हजार करोड़ का प्रावधान
  • सरकार 2500 रुपए दर से धान खरीदेगी। इसके लिए 5 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है।
  • व्यवसायिक बैंकों में बांटे गए 4 हजार करोड़ का अल्पकालीन कृषि ऋण माफ, किसानों का बकाया बिजली बिल हाफ जाएगा। सीधे 15 लाख किसानों को मिलेगा फायदा।
  • किसानों को 0% पर मिलेगा लोन। किसानों के 207 करोड़ का सिंचाई कर माफ
  • किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता। गन्ना किसानों को बोनस के लिए 50 करोड़ का प्रावधान। मक्का खरीदी की व्यवस्था को पुख्ता किया जाएगा
  • फसल बीमा योजना में बढ़ोतरी। कृषि विकास के लिए 21 हजार करोड़ का प्रावधान। नरवा-गरवा-घुरवा-बारी के लिए 1542 करोड़ का प्रावधान।
  • फसल बीमा योजना में बढ़ोत्तरी। 20 नए पशु औषधालय का प्रावधान। बेमेतरा में नवीन कृषि महाविद्यालय खोला जाएगा।
  • गोबर गैस प्लांट के लिए हर गांव में 10 युवाओं को ट्रेनिंग। हर गांव में तीन एकड़ जमीन पर गौठान का निर्माण। ग्रामीण को मिलेगा पोषण आहार।
  • कृषि विभाग का नाम बदलकर अब कृषि विकास एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग कर दिया गया है।
  • प्रदेश में खुलेंगे 5 फूड पार्क, 50 करोड़ का प्रावधान

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