हाट-बाजारों में भी होगा उपचार, सीएम ने पत्र लिखकर कलेक्टर्स को दिया निर्देश

रायपुर। दंतेवाड़ा और बस्तर जिले में मोबाइल चिकित्सा यूनिट से मिल रहे उत्साहवर्धक नतीजों के बाद अब छत्तीसगढ़ के दुर्गम क्षेत्रों के सभी हाट-बाजारों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर से ग्रामीणों के लिए इलाज की सुविधा प्रारंभ की जाएगी. हाट-बाजारों में मेडिकल टीम भेजी जाएगी, जिसमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ के साथ पर्याप्त दवाएं और मोबाइल चिकित्सा यूनिट भी होगी. हाट-बाजारों में ग्रामीण चिकित्सकीय परामर्श ले सकेंगे और उनका उपचार भी किया जाएगा. इस योजना का विस्तार सभी हाट-बाजारों में किया जाएगा.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने अपने-अपने जिलों में हाट-बाजारों का चिन्हांकन कर वहां सुसज्जित मोबाइल चिकित्सा यूनिट भेजने के लिए कार्य योजना 15 सितंबर तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि राज्य के दूरस्थ अंचलों विशेषकर आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना अत्यंत चुनौती पूर्ण काम है. दुर्गम क्षेत्र होने के कारण लोग आसानी से शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों तक नहीं पहुंच पाते।
बघेल ने पत्र में कहा है कि दंतेवाड़ा, बस्तर सहित कुछ अन्य जिलों में स्थित सभी हाट-बाजारों में चिकित्सा दल भेजने का प्रयोग जून में प्रारंभ किया गया है. इस प्रयोग के अत्यंत उत्साहवर्धक परिणाम मिल रहे हैं. हाट-बाजारों में चिकित्सा उपलब्ध कराने का कार्य चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी ऐसे जिलों में जहां दुर्गम क्षेत्र है तथा आवागमन के साधनों की कमी है, प्रारंभ किया जाना है.

मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को अपने-अपने जिले में ऐसे हाट-बाजारों का चिन्हांकन करने तथा प्रतिदिन लगने वाले बाजारों के संख्या के अनुरूप मेडिकल दलों की व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए कहा है कि यदि जिले में संसाधनों में कोई कमी है, तो उसकी पूर्ति के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। प्रयोग के तौर पर सभी जिलों में बड़े हाट-बाजारों में चिकित्सक दल भेजने का कार्य प्रारंभ किया जाए और प्रत्येक बाजार में आने वाले मरीजों तथा उनके उपचार का पृथक से लेखा-जोखा रखा जाए.

बघेल ने पत्र में यह भी लिखा है कि आगामी 2 अक्टूबर से सभी हाट-बाजारों में मेडिकल टीम नियमित रूप से भेजने की व्यवस्था किया जाना है. सभी कलेक्टर 15 सितबंर तक अपने जिले की कार्य योजना अनिवार्य रूप से शासन को प्रस्तुत करें. इस कार्य से जन सामान्य को अवगत कराने के लिए आवश्यक प्रचार-प्रसार भी किया जाए. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि सभी के सक्रिय सहयोग से इस योजना को सफलता पूर्वक क्रियान्वित किया जाएगा, राज्य के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले लोगों को भी स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा और स्वस्थ छत्तीसगढ़ की कल्पना साकार हो सकेगी.

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