Covaxins Booster Dose: नए वैरिएंट्स के खिलाफ कारगर है कोवैक्सीन का बूस्टर डोज

 

कोरोना महामारी से निपटने के लिए कोरोना वैक्सीन ही पूरी दुनिया में प्रभावी और कारगर हथियार है। इस क्रम में भारत की कोरोना वैक्सीन बनाने वाली फर्मास्यूटिकल कंपनी भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने बुधवार को दावा किया है कि उसकी कोवैक्सिन घातक कोरोना वायरस के सभी वैरिएंट्स के खिलाफ कारगर  है। कंपनी ने कहा कि क्लिनिकल ट्रायल में कोविड-19  वैक्सीन कोवैक्सिन (Covaxin) के सुरक्षित होने की बात साबित हो गई। वैक्सीन निर्माता से जारी किए गए प्रेस रिलीज में बताया गया कि 184 सबजेक्ट पर अध्ययन किया गया।

भारत बायोटेक के मैनेजिंग डायरेक्टर व चेयरमैन कृष्णा एल्ला (Krishna Ella) ने कहा कि टीम ने अब यह बता दिया है कि कोवैक्सिन में स्पाइक, RBD और N प्रोटींस के खिलाफ एंटीबडीज होते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारा मकसद कोरोना वायरस के सभी वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी व सुरक्षित वैक्सीन विकसित करने का था जिसपर हम खरे उतरे। बूस्टर डोज के बाद यह साबित हो गया है कि वैरिएंट्स के खिलाफ वैक्सीन का एंटीबडी रेस्पांस करता है और लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान कर रहा है।’

कंपनी के रिलीज में दावा किया गया है कि अलग तरीके से विकसित कोवैक्सिन का डोज व्यस्कों व बच्चों में दिया जा सकता है। दोनों ही के लिए इसकी डोज बराबर है और इसे प्राइमरी व बूस्टर डोज के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे यह यूनिवर्सल वैक्सीन बन गया है। रेडी टू यूज वाला कोवैक्सीन को 2-8 डिग्री सेल्सियस पर स्टोर किया जा सकता है। इसे 12 महीने तक संरक्षित करके रखा जा सकता है। भारत बायोटेक के पास कोवैक्सिन के 50 मिलियन से अधिक डोज हैं जिसे जरूरत पड़ने पर दिया जा सकता है।