रायपुर : मुख्यमंत्री बघेल ने महिला समूहों को दी बड़ी सौगात, महिला समूहों तथा सहकारी समितियों को प्रति किलो कम्पोस्ट विक्रय पर अब मिलेगा बोनस

सोशल मीडिया पर “बेस्ट सीएम भूपेश बघेल” मचा रहा धूम, कांग्रेस ने कहा- सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री चुना जाना बढ़ा रहा प्रदेश का मान 
 

रायपुर।मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ( chief minister bhupesh baghel)ने गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट एवं सुपर प्लस कम्पोस्ट का निर्माण कर राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों को एक बड़ी सौगात दी है।

Read more : CM भूपेश बघेल ने कही यह बात, लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने संवेदनशीलता के साथ काम करें

महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित कम्पोस्ट में से 7 जुलाई 2022 तक बिक चुकी कम्पोस्ट के एवज में प्रति किलो एक रूपए तथा सहकारी समितियों को 10 पैसे के मान से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। बोनस( bonus) वितरण के संबंध में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग मंत्रालय द्वारा आज 19 जुलाई को आदेश जारी किया गया।

महिला समूहों को 17 करोड़ 64 लाख तथा प्राथमिक सहकारी समितियों को 01 करोड़ 76 लाख रूपए की राशि प्रोत्साहन  

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गौठानों से जुड़कर कम्पोस्ट निर्माण कर रही महिला स्व-सहायता समूहों को 7 जुलाई 2022 तक बिक चुकी कम्पोस्ट के एवज में बोनस दिए जाने की मंशा जताई थी। इस संबंध में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 7 जुलाई 2022 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के परिपालन में कृषि विभाग मंत्रालय द्वारा विविधत आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत महिला समूहों द्वारा उत्पादित कम्पोस्ट( compost) में से 7 जुलाई 2022 तक विक्रय किए गए लगभग 17.64 लाख क्विंटल की मात्रा के एवज में महिला समूहों को 17 करोड़ 64 लाख तथा प्राथमिक सहकारी समितियों को 01 करोड़ 76 लाख रूपए की राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। प्रोत्साहन की यह राशि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गोधन न्याय योजना के बजट प्रावधान से किया जाएगा। गोधन न्याय योजना के लिए वर्ष 2022-23 के बजट में 175 करोड़ रूपये का प्रावधान है।

गोधन न्याय योजना की शुरूआत 20 जुलाई 2020 को हरेली पर्व के दिन से राज्य में हुई

यहां यह उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना की शुरूआत 20 जुलाई 2020 को हरेली पर्व के दिन से राज्य में हुई थी। इस योजना के तहत पशुपालक ग्रामीणों से 2 रूपए किलो में गोबर की खरीदी गौठानों में की जा रही है। देखा जाए कि महिला समूहों को कम्पोस्ट निर्माण का लाभांश, पैकेजिंग और प्रोत्साहन राशि को मिलाकर प्रति किलो 4 रूपए 92 पैसे की राशि मिल रही है, जो वर्मी कम्पोस्ट( compost) के विक्रय मूल्य के 50 प्रतिशत के करीब है।