हड़ताल कर रहे कर्मचारियों पर क़ानूनी कार्यवाही करने की लिखित धमकी कंपनी प्रबंधन ने दि

हड़ताल कर रहे कर्मचारियों पर क़ानूनी कार्यवाही करने की लिखित धमकी कंपनी प्रबंधन ने दि

कामगार सभा के संरक्षक डॉ. अरूण पाण्डेय् ने कहा हक़ अधिकार के लिए आवाज़ उठाना संवैधानिक अधिकार

छत्तीसगढ़ / जगदलपुर । कामगार सभा के बैनर तले अपनी वेतन संबंधित मांगो को लेकर मेडिकल कॉलेज/हॉस्पिटल के सैकड़ों सुरक्षा कर्मचारी आज पिछले 6 दिनों से हड़ताल पर हैं।

हड़ताली कर्मचारियों ने अपनी शिक़ायत ज़िला कलेक्टर को मिलकर बताई उन्होंने आश्वासन दिया परंतु कोई रास्ता नही निकाला तो कर्मचारियों ने एसडीएम का दरवाज़ा खटखटाया जिसपर एसडीएम ओमप्रकाश वर्मा ने कंपनी के मालिक से से इस संबन्ध में फ़ोन पर चर्चा किया

तथा कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच श्रम विभाग के अधिकारियों के उपस्थिति में बैठक भी रखी। इस बैठक में कंपनी और कर्मचारियों के बीच विभिन्न मांगों पर लिखित सहमति देने की स्वीकृति बनी परंतु कंपनी द्वारा कोई भी सहमति लिखित में नही दिया गया।

इसके शिकायत पुनः एसडीएम से की गई जिसपर आरंभ में कंपनी के मालिक अंजनी द्विवेदी द्वारा आज कल किया गया परन्तु कल शाम एक पत्र कंपनी द्वारा अपने स्थानीय प्रबंधक रमाकांत पाण्डेय् के हाथों भेजा गया

जिसमें लिखित रूप से कंपनी ने कर्मचारियों को धमकी दी है कि अगर वे हड़ताल करेंगे तो उनपर क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी। जिसके बाद कर्मचारियों का गुस्सा फूटा और जमकर हंगामा किया गया।

कामगार सभा के संरक्षक डॉ. अरूण पाण्डेय् ने कहा हक़ अधिकार के लिए आवाज़ उठाना संवैधानिक अधिकार

जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष और कामगार सभा के प्रमुख संरक्षक डॉ. अरुण पाण्डेय् ने कहा कि किसी कर्मचारी का अपने हक़ अधिकार के लिए आवाज़ उठाना

उनका संवैधानिक अधिकार है। जब कंपनी प्रबंधन या नियोक्ता द्वारा कामगारों के अधिकारों का हनन किया जावेगा या उनका शोषण होगा

तब यदि वे न्याय के लिए आवाज़ उठाएंगे इस पर कंपनी क़ानूनी कार्यवाही करेगी ऐसा लिखित रूप से धमकी देना अपराध है। जिसपर तत्काल ज़िला प्रशासन को ध्यान देना चाहिए साथ ही ऐसे तानाशाही प्रबंधन का ठेका तत्काल निरस्त कर देना चाहिए।