ग्रामीण अंचलों में हरियाली त्योहार (हरेली) की तैयारी जोर शोर से शुरू…… छत्तीसगढ़ का पारंपरिक तिहार हरियाली 28 जुलाई को बनाया जाएगा…

कोंडागांव/बडे़राजपुर की खबर। जानकारी के अनुसार हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हरियाली त्योहार मनाया जाएगा इसकी तैयारी एक सप्ताह पहले से शुरू किया जाता है साथ में कृषि यंत्रों की पूजा कर किसानों ने मनाया हरियाली पर्व।

अंकिरा  बुधवार को हरियाली पर्व उत्साह से मनाया  जाएगाक्षेत्र के किसानों ने सुबह से ही अपने कृषि यंत्रों को हल्दी पानी से स्नान कराया एवं विधिवत पूजा-अर्चना की।

सावन के अमावस्या को हरियाली अमावस्या के रूप में किसान मानते हैं। जिसमें वे लकड़ी, लोहे सहित अन्य धातुओं से बने कृषि कार्य में उपयोग किए जाने वाले यंत्रों की पूजा करते हैं।

जहां उपयोग के कारण इनके घिसने, टूटने के लिए माफी भी मांगते हैं। साथ ही भविष्य में उपयोग करने के दौरान औजारों के कारण किसी भी प्रकार का चोट-खरोंच नहीं आने की कामना की जाती है।

हालांकि, इस तिथि तक कृषि कार्य पूरे हो जाने के बाद यंत्रों की पूजा करने का विधान है। जिससे इनके पूजा-अर्चना के बाद कुछ दिन इन्हें आराम देने के लिए उपयोग नहीं करते हैं।

पर कहीं अल्प एवं कहीं ज्यादा बारिश होने के कारण अब कृषि कार्य समय-सीमा में संपन्न नहीं हो पा रहा है। पर आस्था एवं मान्यता के अनुसार निर्धारित तिथि में इनकी पूजा-अर्चना की जाती है।

75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा के शुरुआत हरेली अमावस्या को पाठ जतरा से इसी दिन से प्रारंभ होती है :-   

ग्रामीण अंचलों में भी रहेगी धुम जिसमें आस पास के गांव ब्लाक बडेराजपुर के हरवेल,तर‌ईबेड़ा,पिटीसपाल, कुल्दाडिही डिहीपारा, पिड़ापाल धामनपुरी, कीबड़ा, बालेंगा, तितरवड़ गम्हरी,राहटीपारा,पातरीपारा, बासकोट, आदि क्षेत्रों में तैयारी शुरू हो गई है।