CG NEWS : दिल्ली दौरे से लौटे  मुख्यमंत्री बघेल, केंद्र सरकार पर साधा निशाना, बोले- नशा अच्छी बात नहीं

CG NEWS : दिल्ली दौरे से लौटे  मुख्यमंत्री बघेल, केंद्र सरकार पर साधा निशाना, बोले- नशा अच्छी बात नहीं

रायपुर। CG NEWS दिल्ली दौरे से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर लौट आए हैं. इस दौरान एयरपोर्ट पर उन्होंने प्रेसवार्ता कर पत्रकारों से बातचीत में बताया कि, हिमाचल प्रदेश में सीनियर ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी AICC ने सौंपी है। आज की बैठक में आगामी चुनाव को लेकर चर्चा हुई है. किस प्रकार संगठन के साथ मतदाताओं के बीच जाना है. किन-किन मुद्दों को लेकर जाना इन सभी विषयों पर चर्चा हुई है।

 

आगे सीएम भूपेश ने केंद्र सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को रेल यात्रा में 50% सुविधा को खत्म किए जाने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, वैसे ही रेल बंद कर दिए हैं. 1 हजार ट्रेनें पहले ही बंद है. अब जो सुविधाएं मिल रही थी वह भी बंद है. टिकट और प्लेटफार्म टिकट के दाम दोनों में बढ़ोतरी हो गई है. रेल अब निजीकरण की ओर बढ़ रहा है. लोगों को अब सस्ता यात्रा सुलभ नहीं होगा।

 

बैठक में मौजूद रहे ये दिग्गज नेता

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का अगस्त के दूसरे सप्ताह में दो-तीन दिनों के लिए हिमाचल प्रदेश के दौरे पर जाना लगभग तय हो गया है। इस बैठक में सचिन पायलट, हिमाचल प्रदेश के प्रभारी और छत्तीसगढ़ के सांसद राजीव शुक्ला, पंजाब के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री आदि वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

 

बांधी के बयान पर कहा- नशा अच्छी बात नहीं

भाजपा नेता कृष्णमूर्ति बांधी के बयान से उठे सवाल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, नशा किसी भी प्रकार का हो वह अच्छी बात तो है ही नहीं। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार की एजेंसी 10 ग्राम गांजा पकड़ने के नाम पर पूरे बॉम्बे में घूमती रही है। उनके वरिष्ठ नेता यह कहते हैं कि गांजा पीना चाहिए। गांजा तो प्रतिबंधित है! तो पहले अपनी सरकार से गांजा खुलवाने की बात कर लें। बांधी ने कहा था कि गांजा-भांग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

 

रेलवे के निजीकरण की कोशिश का आरोप लगाया

मुख्यमंत्री ने रेलवे के निजीकरण की कोशिश का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, एक हजार से अधिक ट्रेनें पहले ही बंद हैं। ट्रेन की टिकट बढ़ गई हैं। प्लेटफार्म के टिकट बढ़ गए हैं और निजीकरण की ओर बढ़ रहे हैं। कुल मिलाकर लोगों को सस्ती यात्रा अब सुलभ नहीं होगी।