गरियाबंद में 7 दिन बंद रहेंगे सरकारी दफ्तर, हड़ताल पर सरकारी कर्मचारी, जानें क्या है वजह

छत्तीसगढ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर 07 दिवसीय हडताल के पहले दिन जिला गरियाबंद अंतर्गत समस्त कार्यालय एवं स्कूल रहे बंद –

छत्तीसगढ़ में आज से सात दिन तक लोगों का कोई भी सरकारी काम नहीं हो पाएगा. इसका कारण यह है कि प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठनों ने एकसाथ हड़ताल का ऐलान किया है. अब अगले 7 दिनों तक सभी सरकारी ऑफिस बंद रहेंगे. जानकारी के अनुसार कर्मचारियों की यह हड़ताल 25 से 29 जुलाई तक चलेगी, लेकिन 30 जुलाई को शनिवार और 31 को रविवार की छुट्टी होने की वजह से ऑफिस बंद रहेंगे.

छत्तीसगढ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक प्रदीप कुमार वर्मा एवं महासचिव बसंत त्रिवेदी ने बताया कि छत्तीसगढ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर आंदोलन के तृतीय चरण में 25 जुलाई 2022 से 29 जुलाई 2022 तक 05 दिवसीय आंदोलन के प्रथम दिवस जिला गरियाबंद अंतर्गत पाचों ब्लाकों के ब्लॉक संयोजको के नेतृत्व में हडताल का आगाज किया गया है। 05 दिवसीय आंदोलन में विभिन्न संघठनों के समस्त कर्मचारी अधिकारी भारी संख्या में ब्लॉक एवं जिला मुख्यालय में उपस्थित होकर अपनीं आवाज को बुलंद किये है। पूर्व में 29 जून 2022 को 02 सूत्रीय प्रमुख मांगो को लेकर जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों में महारैली निकाल कर जिलाधीश गरियाबंद को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा गया है लेकिन राज्य सरकार द्वारा 02 सूत्रीय मांगा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा तक नहीं किये जाने से समस्त अधिकारी कर्मचारी अपनी मांगो को लेकर आंदोलन के तृतीय चरण में 05 दिवसीय हडताल में जाने के लिए बाध्य हो गये है। कांग्रेस की सरकार जब से राज्य की सत्ता में आई है तब से लेकर आज तक विभिन्न विभागों मे ंकार्यरत समस्त कर्मचारी अधिकारी अपनी जायज मांगो को लेकर लगातार राज्य सरकार से मांग करते आ रही है।


जिला मुख्यालय गरियाबंद धरना स्थल गांधी मैदान में मुख्य मंच से ब्लॉक संयोजक मनोज खरे के नेतृत्व में में सुबह 10.00 बजे से श्रावण मास के द्वितीय सोमवार को तहसील कार्यालय गरियाबंद में स्थित शिव लिंग की पूजा अर्चना कर हड़ताल का शंखनाद किया दिनांक 25.07.2022 प्रथम दिवस हडताल को आगाज किया गया। हडताल से जिला स्तर ब्लॉक स्तर के सभी कार्यालय सभी स्कूल में बंद जैसे हालात उत्पन्न हो गया है।

आंदोलन में जिला एवं ब्लॉक गरियाबंद से मुख्य रूप से विभिन्न संघठनों के प्रमुख उपस्थित रहें। प्रमुख रूप से बी.के.तिवारी छ.ग. प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ, संतोष साहू छ.ग डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन, लखन साहू छ.ग. तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ शिवेश शुक्ल सुनील यादव जी लोकेश्वर सोनवानी छ.ग. कर्मचारी कंाग्रेस, जितेन्द्र ठाकुर छ.ग. शासकीय वाहन चालक यांत्रिकी कर्मचारी संघ छबिसिंग छ.ग. राज्य कर्मचारी संघ एन.के.वर्मा छ.ग. शिक्षक संघ मिश्री लाल तारक छ.ग. प्रदेश शिक्षक फेडरेशन, टंकेश्वर नेगाम छ.ग. लघुवेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ, उमाशंकर साहू छ.ग. सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी संघ, पटौती जी छ.ग. प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, डोमार सिंह छ.ग. वन कर्मचारी संघ, युगल किशोर साहू छ.ग. लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ संजय एक्का छ.ग. अजा, जनजाति, अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) प्रशांत दुबे छ.ग राजस्व निरीक्षक संघ, मनोज खरे छ.ग. राजस्व पटवारी संघ , प्रदीप शर्मा छ.ग. व्याख्याता संघ, प्रदीप मिश्रा नियमित व्याख्याता संघ छत्तीसगढ, हितकारणी देवांगऩ छ.ग. पर्यवेक्षक संघ, डी के पड़ौती छ.ग. स्वास्थ्य संयोजक संघ, दिपेश साहू छ.ग. ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ, चन्द्रहास श्रीवास छ.ग. अनियमित कर्मचारी संघ, जीतेश गजभिये छ.ग. सहायक विकास विस्तार अधिकारी/विकास विस्तार अधिकारी संघ, संजय महाडिक छ.ग. प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ, कुमेन्द्र कश्यप छ.ग. सहायक शिक्षक फेडरेशन, अनुज ठाकुर प्रदेश ग्राम पंचायत सचिव संघ, पन्ना लाल देववंशी छ.ग. लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ, अशोक भट्ट छ.ग. वन राजपत्रित अधिकारी संघ, अमृत साहू छ.ग. वन लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ, शिवेश शुक्ला, लाला राम साहू सुभाष मिश्र के साथ सभी संघठनो के सम्मानीय सदस्यगण अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान दिया गया।