विधानसभा में वेतन संशोधन विधेयक पास : अब विधायकों को मिलेगा 1.60 लाख, सबसे अधिक सैलरी देने वालों में छत्तीसगढ़ देश का पांचवा राज्य


रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मॉनसून सत्र के पांचवें दिन मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व विधायकों के वेतन बढ़ाने संबंधी 4 अलग-अलग विधेयक सर्वसम्मति से पारित हो गया। विधायकों व मंत्रियों को अब बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी। विधानसभा में वेतन वृद्धि पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की सहमति देखने को मिली। प्रस्ताव पास होने के बाद मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों, संसदीय सचिवों, विधानसभा अध्यक्ष, विधानसभा उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष सहित विधायकों का वेतन बढ़ गया है। वेतन और भत्तों में वृद्धि से राज्य के खजाने पर सालाना लगभग 6.81 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने की संभावना है।

बता दें कि 14 जुलाई को भूपेश बघेल कैबिनेट की बैठक में विधायकों व मंत्रियों का वेतन बढ़ाए जाने पर फैसला लिया गया था। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन इस विधेयक को सदन में प्रस्तुत किया गया। विधानसभा ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष एवं विधायकों के वेतन एवं भत्ता संशोधन विधेयक 2022 और छत्तीसगढ़ के मंत्री (वेतन तथा भत्ता) अधिनियम, 1972 में संशोधन विधेयक, 2022 के प्रस्ताव को पास किया गया। विधानसभा में वेतन भत्ता संबंधित संशोधन अधिनियम पारित होने के बाद अब विधायकों और मंत्रियों को बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा।

सीएम, मंत्री व विधायकों को कितना बढ़ा वेतन

विधेयक के अनुसार, मुख्यमंत्री का वेतन वृद्धि के बाद मौजूदा 1.35 लाख रुपये से 2.05 लाख रुपये प्रति माह होगा, जबकि मंत्रियों को मौजूदा 1.30 लाख रुपये से 1.90 लाख रुपये मिलेंगे। सीएम का मूल वेतन 35,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति माह किया गया है। छत्तीसगढ़ कैबिनेट में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत 13 मंत्री हैं। विधानसभा अध्यक्ष का वेतन 1.32 लाख रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 1.95 लाख रुपये होगा, जबकि उपाध्यक्ष का वेतन 1.28 लाख रुपये से 1.80 लाख रुपये होगा। नेता प्रतिपक्ष को 1.30 लाख रुपये से 1.90 लाख प्रतिमाह मिलेंगे। 15 संसदीय सचिवों को 1.21 लाख रुपये की जगह प्रति माह 1.75 लाख रुपये मिलेंगे। विधायक का वेतन अब 1.10 लाख रुपये से 1.60 लाख रुपये प्रति माह होगा।