रेगड़गट्टा सहित आश्रित ग्राम के ग्रामीणों की हो रही नियमित जांच नदी नाले पार कर ग्रामीणों तक चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित कर रही प्रशासन

रेगड़गट्टा के 16 मरीजों को बेहतर इलाज के लिए लाया गया जिला चिकित्सालय, किया जा रहा उपचार

कोंटा :- कोण्टा क्षेत्र के नक्सल प्रभावित ग्राम रेगड़गट्टा के ग्रामीणों को उचित सवास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन सुकमा संकल्पित होकर कार्य कर रहा है।

कलेक्टर हरिस. एस के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य अमला नदी नाले और दुर्गम रास्तों को पार करते हुए रेगड़गट्टा ग्रामवासियों तक चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित कर रहे हैं।

लगभग 850 लोगों की जनसंख्या वाले ग्राम रेगड़गट्टा के साथ ही आश्रित ग्राम मुसलमड़गु और एलारमड़गु में नियमित रुप से जांच शिविर लगाकर ग्रामीणों की रक्त जांच की जा रही है।

28 जुलाई को रेगड़गट्टा में रक्त जांच के सैंपल की रिपोर्ट आने पर विगत दिवस देर शाम 16 ग्रामीणों को बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में दाखिल किया गया है।

मंत्री कवासी लखमा ने दूरभाश से मरीजों का कुशलक्षेम जाना, बेहतर इलाज के दिए निर्देश

प्रदेश के उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने जिला चिकित्सालय में भर्ती रेगड़गट्टा के ग्रामीणों से दूरभाश से व्यक्तिगत रुप से उनका कुशलक्षेम जाना।

उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ यषवंत ध्रुव से सभी मरीजों की वर्तमान परिस्थिति की जानकारी ली और बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष जगन्नाथ साहू ने ग्रामीणों से भेंट की और सभी मरीजों को बेहतर इलाज के लिए आशवस्त किया।

स्वास्थ्य अमला अपने कर्तव्यों के प्रति है कटिबद्ध

ज्ञात हो कि रेगड़गट्टा के ग्रामीणों को लगातार शरीर में सूजन की षिकायत थी। बीते 3 वर्षों में सूजन की वजह से कई ग्रामीणों की मौत की जानकारी भी मिली।

इसे देखते हुए कलेक्टर हरिस.एस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को नियमित जांच शिविर लगाने के निर्देश दिए। बीएमओ कोण्टा डॉ डीपेश चन्द्र्राकर ने बताया

कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रुप से रेगड़गट्टा सहित आश्रित गांव के लोगों का भी जांच किया जा रहा है। नदी नाले और दुर्गम रास्तों को पार जांच दल द्वारा मौके पर ग्रामीणों का रक्त सैंपल लिया गया और अन्य जांच भी की गई।

इसके साथ ही स्वास्थ्य दल द्वारा ग्रामवासियों को मच्छरदानी भी वितरित की जा रही है। सीएमएचओ डॉ यशवंत ध्रुव ने बताया कि लगातार चार दिनों से स्वास्थ्य अमला नक्सल प्रभावित क्षेत्र रेगडगट्टा गांव पहुँच कर जांच कर रहा हैं।

विगत दिवस 16 ग्रामीणों को उचित उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जिनका उपचार जारी है। सभी मरीजों के रक्त जांच में यूरिक एसिड की मात्रा सामनी से थोड़ी अधिक पाई गई है, मरीजों की स्थिति सामान्य है। सोमवार को जगदलपुर से विशेष मेडिकल टीम रेगड़गट्टा के ग्रामीणों का जांच करेगी।