साइबर अपराध रोकने को सरकार लेगी साइबर विशेषज्ञों की मदद, इस टोल फ्री नंबर पर करें ठगी की शिकायत


रायपुर। डिजिटल युग में लगातार हो रहे वित्तीय अपराधों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में इन अपराधों से लोगों को बचाने के लिए राज्य सरकार ने अब साइबर विशेषज्ञों व कंप्यूटर साइंस के इंजीनियरों की मदद लेने का निर्णय लिया है। मंत्रालय में मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक हुई। इसमें आमजनों को वित्तीय जालसाजी से बचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। लोगों को वित्तीय साक्षर किया जाएगा। प्रचार-प्रसार के लिए इंटरनेट मीडिया के माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी के तरीकों और उनसे बचाव के तरीकों को बैंक के ग्राहकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

वित्तीय अपराधों को रोकने के लिए होंगे प्रयास: मुख्य सचिव

अभी किसी भी तरह के वित्तीय ठगी की शिकायत टोल फ्री नंबर 1930 पर पुलिस को दी जा सकती है। साथ ही रिजर्व बैंक आफ इंडिया के ‘सचेत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। वित्तीय संस्था के अधिकारियों ने बताया कि किसी भी बैंक द्वारा खाता या एटीएम कार्ड बंद होने संबंधी फोन ग्राहकों को नहीं किया जाता है। ऐसे किसी भी फोन काल या लिंक में बताए जा रहे बातों का अनुसरण न करें। किसी भी शंका या बैंकीय समस्या के समाधान के लिए अपने बैंक की शाखा से संपर्क करें। डिजिटल लोन, क्रिप्टो करेंसी व्यवसाय, उच्च ब्याज दर का प्रलोभन, मल्टी लेवल मार्केटिंग व्यवसाय, चिटफंड जैसे प्रलोभनों से दूर रहकर अपनी जमापूंजी की सुरक्षा की जा सकती है।

बैठक में वित्त विभाग की सचिव अलरमेल मंगई डी., गृह विभाग के सचिव अरुण देव गौतम, संस्थागत वित्त के संचालक शीतल शाश्वत वर्मा, पंजीयक सहकारी संस्था हिमशिखर गुप्ता, सीआइडी के संजीव शुक्ला, आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो के आरिफ शेख, विधि विभाग के सुनील कुमार नंदी सहित सभी वाणिज्यिक और सहकारी बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए.