RAIPUR NEWS : साँपों के साथ बर्बरता, किसी ने फेविक्विक से चिपकाया मुँह, तो कोई दाँत तोड़कर मांग रहा भीख, 16 सांपो का किया गया रेस्क्यू

RAIPUR NEWS : साँपों के साथ बर्बरता, किसी ने फेविक्विक से चिपकाया मुँह, तो कोई दाँत तोड़कर मांग रहा भीख, 16 सांपो का किया गया रेस्क्यू

रायपुर। Raipur News : भारत में धार्मिक आस्थाओं के नाम पर अक्सर ही वन्यजीवों के साथ क्रूरता (cruelty to wildlife) देखने को मिलती है। अक्सर देखा जाता है कि लोग वन्यजीवों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं और उन्हें अपने अनुसार इस्तेमाल करते हैं। ऐसा ही एक मामला राजधानी रायपुर (Rajdhani Raipur) में भी देखने को मिला है। जहां सावन माह में पैसा कमाने के उद्देश्य से सपेरे और महावत सांपों दांत तोड़ दे रहे है और कुछ तो सांपों के मुंह पर से सेलोटेप, सेल्युसन और फेविक्विक से चिपकाकर भीख मांग रहे हैं। सांपों के मुंह को बंद कर भीख मांगने की जानकारी जैसे ही नोवा नेचर को मिली उन्होंने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। जिसके बाद वन विभाग और नोवा नेचर की टीम ने 16 सांपों को रेस्क्यू कर उन्हें जंगल में छोड़ आए।

 

इसलिए करते हैं सांपों का मुंह बंद

सांपो के प्रदर्शन के दौरान सांप किसी भी प्रकार का नुकसान न पंहुचा पाएं इसलिए सांपों के दांत को तोड़ दिया जाता हैं। उनका जहर निकाल दिया जाता है। इसके साथ ही मुंह में सेलोटेप, सेल्युसन और फेविक्विक से चिपका दिया जाता है। वहीँ बहुत से लोग सांपो को अपने गले में डालकर सेल्फी लेने के शौकीन होते है। इसलिए भी सेल्फी के शौकिनो का शौक पूरा करने सपेरे सांपो का मुँह चिपका दिया करते हैं। गले में सांप डलवाने वालों को महज 50 से 100 रुपय सपेरों को मिलते हैं।

 

ऐसे में सांप की सेहत पर बुरा असर पड़ता है और चंद दिनों में उसकी मौत हो जाती है। इस तरह देशभर में कई कोबरा मार दिए जाते हैं। वन अधिनियम के तहत सांप जंगली जानवर के रूप में संरक्षित हैं, वंचना ने बताया कि इसके लिए बकायदा अधिनियम 1972 की अनुसूची जारी की गई है। जिसमें सांप के शरीर अंग या शहर का शिकार करना या उसे अपने पास रखना दंडनीय अपराध है।

 

सपेरों से हुई बहसबाजी

सामाजिक संस्था के प्रतिनिधि जब महादेवघाट इलाके में पहुंचे तो एक दो नहीं बल्कि 16 ऐसे लोग मिले जिनकी पिटारियों में कोबरा बंद था। कुछ बेहद विशेष प्रजाति के ब्लैक कोबरा सांप भी थे, जो अमूमन कम ही दिखाई देते हैं। जब संस्था के सदस्यों ने सांपों को रेस्क्यू करना चाहा तो सपेरे इनसे भिड़ गए, बहसबाजी हुई । काफी देर तक हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद संस्था के लोग सांपों का रेस्क्यू करने में कामयाब रहे। इन सभी सांपों को कार में रखकर टीम बारनवापारा के जंगल ले गई और वहां इन सभी सांपों को प्रकृति के बीच जंगल में छोड़ दिया गया।

 

अगर आपके घर मिले सांप तो इस नंबर पर करें कॉल 

रायपुर में नोवा नेचर सोसाइटी नाम की संस्था पिछले कई सालों से सांपों के रेस्क्यू पर काम कर रही है । आम लोगों के खेतों गांव घर में अचानक बारिश के दिनों में दिखने वाले सांपों को यह टीम सुरक्षित तरीके से निकाल लेती है। इस तरह से संस्था ने पिछले कई सालों में हजारों आम लोगों और सांपों की भी जान बचाई है। नोवा नेचर सोसाइटी के वॉलिंटियर निशुल्क सेवा देते हैं। घर पर सांप दिख जाए तो घबराने की जरूरत नहीं, इस नंबर 9303345640 पर फोन करके मदद मांगी जा सकती है । पुलिस विभाग की तरफ से जारी इमरजेंसी नंबर 112 में भी जानकारी दी जा सकती है।

 

देखें रेस्क्यू का वीडियो