नक्सलियों से लोहा लेंगे थर्ड जेंडर

JAGDALPUR :- बस्तर में पहली बार थर्ड जेंडर समुदाय के जवान नक्सलियों से लोहा लेंगे। बस्तर फाइटर्स में तृतीय लिंग समुदाय के नौ युवाओं का चयन किया गया है। ज्ञात हो कि बस्तर में नक्सलियों के विरूद्ध स्थानीय स्तर पर नई फोर्स बस्तर फाइटर्स का गठन किया जा रहा है

जगदलपुर। बस्तर में पहली बार थर्ड जेंडर समुदाय के जवान नक्सलियों से लोहा लेंगे। बस्तर फाइटर्स में तृतीय लिंग समुदाय के नौ युवाओं का चयन किया गया है। ज्ञात हो कि बस्तर में नक्सलियों के विरूद्ध स्थानीय स्तर पर नई फोर्स बस्तर फाइटर्स का गठन किया जा रहा है।

संभाग के सातों जिलों बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर व कोंडागांव में इस बल में तीन-तीन सौ पद मंजूर किए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार बस्तर फाइटर्स में थर्ड जेंडर समुदाय के लिए 2100 में से नौ पद आरक्षित किए गए थे। थर्ड जेंडर समुदाय के लोग भर्ती में सफल हो पाएं इसलिए समाज कल्याण व पुलिस विभाग ने उन्हें प्रशिक्षण भी दिलाया था।

भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक नापजोख, दस्तावेज परीक्षण, लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के बाद अंतिम चयन सूची जारी की गई। इसमें बस्तर जिले से बरखा उर्फ अनिल तथा कांकेर जिले से दिव्या, दामिनी, संध्या, सानू, रानी, हिमांशी, रिया तथा सीमा का चयन किया गया है।

समाज कल्याण विभाग की उप संचालक वैशाली मरड़वार ने इनके लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था कराई व मनोबल बढ़ाया। ज्ञात हो कि पिछले वर्ष भी पुलिस की भर्ती के लिए तृतीय लिंग समुदाय से सात अभ्यर्थियों ने भाग्य आजमाया था परंतु सफल नहीं हो पाए थे। बस्तर फाइटर्स में चयनित बरखा उर्फ अनिल पहली थर्ड जेंडर हैं जो जिले में सिपाही बनी हैं।

बस्तर जिला रेडक्रास सोसाइटी के अध्यक्ष बस्तर कलेक्टर ने इस समुदाय के दो लोगों को रेडक्रास सोसाइटी में सहायक बनाया तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की। बरखा ने पुलिस विभाग से भी प्रशिक्षण लिया। पहले प्रयास में ही उनका चयन हो गया।

नक्सलियों से लोहा लेंगे थर्ड जेंडर

बरखा ने कहा कि सरकार थर्ड जेंडर को मुख्य धारा में लाने के लिए कई प्रयास कर रही है। हम सामान्य जीवन जीना चाहते हैं। आजीविका का प्रश्न बड़ा है। उन्होंने रेडक्रास सोसाइटी के अध्यक्ष बस्तर कलेक्टर व उपाध्यक्ष अलेक्जेंडर एम चेरियन का आभार माना है।