भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का त्योहार पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। चलिए जानते है इस वर्ष में जन्माष्टमी को लेकर सबकुछ

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अभिजीत मुहूर्त: 12: 05 मिनट से 12:56 मिनट तक

वृद्धि योग: 17 अगस्त, बुधवार, दोपहर 8: 56 मिनट से 18 अगस्त, गुरुवार, रात्रि 8: 41 मिनट पर

राहुकाल का समय: 18 अगस्त, गुरुवार दोपहर 02: 06 मिनट से 03: 42 मिनट तक होगा. राहुकाल में पूजा करना वर्जित होता है।

बात दे हिंदू धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है. जन्माष्टमी का त्योहार पूरे देश में काफी धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद (भादों) माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। भगवान कृष्ण की याद में और उनकी कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए भक्त हर साल भादों कृष्ण अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का त्योहार मनाते हैं। इस साल यह अष्टमी तिथि दो दिन पड़ रही है. पंचांग के अनुसार गुरुवार( thrusday)18 अगस्त को रात के 09 बजकर 21 मिनट से अष्टमी तिथि शुरू हो रही है जोकि अगले दिन 19 अगस्त शुक्रवार को रात के 10 बजकर 59 मिनट पर खत्म होगी। ऐसे में इस बार जन्माष्टमी दो दिन -18 अगस्त और 19 अगस्त को मनाई जा रही।

जन्माष्टमी 2022 का महत्व( importance) 

धार्मिक मान्यता है कि जन्माष्टमी के दिन व्रत( fast) करने और भगवान श्री कृष्ण की पूजा करने से वे भक्तों की सभी मुरादें पूरी करते हैं। उनकी कृपा से निसंतान दंपत्ति को संतान की प्राप्ति होती है।