कहा जाता है कि एक फोटो ( photo)हजार शब्‍दों को बयां करने की ताकत रखती है। आज वर्ल्ड फोटोग्राफी डे पर देखिए वो ऐतिहासिक तस्‍वीरें( image) जो दुनिया के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुईं।

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इतिहासकारों के मुताबिक कई साल पहले 9 जनवरी, 1839 को दुनिया की सबसे पहली फोटोग्राफी( photography) प्रक्रिया का आविष्कार हुआ था। इस प्रक्रिया का नाम था डॉगोरोटाइप जिसे जोसेफ नाइसफोर और लुइस डॉगेर नाम के 2 वैज्ञानिकों ने अविष्कार किया था। डॉगोरोटाइप टेक्निक फोटोग्राफी की पहली प्रक्रिया थी, इस टेक्निक के आविष्कार का ऐलान फ्रांस सरकार ने 19 अगस्त( august), 1839 में किया।

क्या है इतिहास ( history) 

विश्व फोटोग्राफी दिवस मनाने की शुरुआत 9 जनवरी, 1839 को फ्रांस में हुई थी। उस समय एक फोटोग्राफी प्रक्रिया की घोषणा की गई थी, जिसे डॉगोरोटाइप प्रक्रिया कहा जाता है और इसी प्रक्रिया को दुनिया की पहली फोटोग्राफी की प्रक्रिया माना जाता है। फ्रांस के जोसेफ नाइसफोर और लुइस डॉगेर ने इसका आविष्कार किया था। इसके बाद 19 अगस्त, 1839 को फ्रांस की सरकार ने इस आविष्कार की घोषणा की और उसका पेटेंट हासिल कर लिया।दुनिया की पहली ‘सेल्फी’ 182 साल पहले ली गई थी

क्या है थीम ( theme) किं

विश्व फोटोग्राफी दिवस 2022 का थीम/विषय “लेंस के माध्यम से महामारी का लॉकडाउन (Pandemic Lockdown through the lens)” है। इस थीम का मतलब है हम कैमरे (लेंस) के जरिए महामारी के चलते हुए लॉकडाउन को कैसे देखते हैं।