रायपुर। आज छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्यौहार “पोरा”  के अवसर पर रायपुर शहर के प्राचीन श्री जयतु साव मंदिर में पोला त्यौहार के उपलक्ष्य में बैल की जोड़ी और जाता के साथ कन्हाई चूल्हा, मिट्टी के बर्तन का पूजन किए गए।

आपको बताते चलें की इस पोला त्यौहार मनाने के पीछे कहावत है, कि अगस्त माह में खेती किसानी काम समाप्त होने के बाद इसी दिन अन्ना माता गर्भधारण करती है, यानी धान के पौधों में इसी दिन से दूध भरना चालू हो जाता है। और भगवान बलराम इसी दिन हल को धारण किये थे।

इस अवसर पर आचार्य सौरभ शास्त्री तथा दीपक पाठ के द्वारा विधि विधान से पूजन संपन्न हुआ।  और अनेक पकवान का भोग ठेठरी, खुरमी तथा विभिन्न पकवान के भोग लगाया गया।