Chess Tournament : इंटरनेशनल ग्रैंडमास्टर्स चेस टूर्नामेंट के दूसरे दिन भी चलता रहा शह और मात का खेल, इंटरनेशनल प्लेयर्स को भाई छत्तीसगढ़ की संस्कृति

 

रायपुर। Chess Tournament : राजधानी रायपुर में आयोजित इंटरनेशनल ग्रैंडमास्टर चेस टूर्नामेंट (International Grandmaster Chess Tournament) के दूसरे दिन भी शतरंज का महामुकाबला जारी हैं। शह और मात के इस खेल मे नेशनल और इंटरनेशनल खिलाड़ी अपनी पूरी जोर आजमाईस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेेश बघेल की पहल पर आयोजित इस टूर्नामेंट में भारत सहित विभिन्न देशों के 500 से भी ज्यादा शतरंज के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे है। इंटरनेशनल ग्रैंडमास्टर्स चेस टूर्नामेंट में रसिया, उक्रेन, जॉर्जिया, यूएसए, काजिकस्तान, मंगोलिया, पोलैंड, वियतनाम, कोलंबिया, ईरान, श्रीलंका, बांग्लादेश, जिम्बाब्वे व नेपाल सहित 15 देशों से भाग लेने वाले खिलाड़ी शामिल है। इस टूर्नामेंट से देश, प्रदेश के रेटेड खिलाडियों को अपनी रेटिंग सुधारने, जी एम व आई एम नॉर्म एवं टाइटल प्राप्त करने का अवसर भी उपलब्ध होगा। आज दूसरे दिन शंतरंज की बिसात पर घोड़े, हाथी, ऊंट की चालों से अपने प्रतिद्वंदी को मात देने की रोचक मुकाबले पूरे जोर-शोर से चल रहे हैं।

 

 

छत्तीसगढ़ चीफ मिनिस्टर ट्रॉफी इंटरनेशनल ग्रैंडमास्टर्स चेस टूर्नामेंट के लिए पहुंचे खिलाड़ियों ने बताया कि उन्हें यहां पर खेल के प्रति लोगों में जागरूकता दिखी हैं। यहां पर आयोजन सहित सभी व्यवस्थाओं का अच्छा प्रबंध किया गया है। ऐसे आयोजन से शतंरत खेल के प्रति आम लोगों में एक अच्छा वातावरण का निर्माण होगा।

 

 

श्रीलंका से चेस टूर्नामेंट में भाग लेने आई एसडी रामासिंगे ने कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ आकर बहुत अच्छा लग रहा है। यहां के लोग मिलनसार हैं। उन्होंने कहा कि शतरंत के ऐसे अंतराष्ट्रीय आयोजन होने से इस खेल की ओर लोग ज्यादा आकर्षित होंगें। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयास की सराहना करते हुए सभी व्यवस्थाओं पर संतोष जाहिर किया। यहां के खेल आयोजन से उत्साहित वियतनाम से आई लांग फांग हान ने कहा की वे यहां आकर काफी खुश है। छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा प्रतियोगिता के बेहतर आयोजन से इसका संदेश पूरे विश्व में जाएगा। तमिलनाडू से आए विशाल चौधरी ने कहा कि उन्हें बचपन से ही शतरंज में रूचि थी। उन्हें पता चला की छत्तीसगढ़ में यह आयोजन होने जा रहा है। तभी से वे इसमें भाग लेने को लेकर उत्साहित थे। विश्वनाथन आनंद को अपना आर्दश मानने वाले विशाल ने कहा कि यहां पर चल रहे अंतराष्ट्रीय आयोजन में खेलकर उसका कौशल और भी निखरेगा। हैदराबाद के मास्टर पवन सिर्फ 7 साल के है उन्हें बचपन से ही शतरंज में रूचि थी। साढ़े तीन साल की उम्र से ही वे शतरंज खेल रहे हैं। उन्होंने कहा की यहां पर राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय जगत के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। उनके साथ खेलकर काफी कुछ सीखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि उनका एक लक्ष्य है कि विश्वनाथन आनंद की तरह ही वे शतरंत में एक मुकाम हासिल कर देश का नाम रोशन करें।

 

 

उल्लेखनीय है कि इस टूर्नामेंट के मास्टर्स कैटेगरी की स्पर्धा होटल ग्रेंड इम्पीरिया एवं चौलेंजर्स कैटेगरी की स्पर्धा वीआईपी रोड स्थित शगुन फॉर्म में चल रही है। 10 चरणों में चलने वाली इस प्रतियोगिता में हर दिन 1 मैच अपरान्ह 3 बजे से खेला जायेगा। वहीं चैलेंजर्स का मुकाबला शगुन फार्म में प्रति दिन दो-दो चरणों में सुबह 9 बजे एवं अपरान्ह 3 बजे से खेला जा रहा है।