पांडुका ।आजादी के दसको बात भी आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे है ग्रामीण और पढ़ने की ललक है तभी बच्चे नदी पार कर पैदल जाते है ।

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4 किलोमीटर पैदल गरियाबंद को जिला बने लगभग 10 साल हो गया पर आमजनता के लिए सुविधाए आज भी धरातल पर नही दिख रहा जिला मुख्यालय गरियाबंद के राज्य मार्ग 130 मे स्थित ग्राम पंचायत बरुका के आश्रित ग्राम राचरडेरा ,राउत डेरा ,और विजय नगर का है।

अंदुरूनी गांव मे तो विकास नही के बराबर

जहा के बच्चों और ग्रामीणों को आय दिन मुशीबतों से दो चार होना पड़ता ।और रोज घुटने भर पानी पार कर स्कूल जाना पड़ता और नदी पार करने लायक नही रहता पानी अधिक भर जाता है तो महीनों स्कूल नही जाते ऐसे मे पालक और शिक्षक बच्चों को नदी पार कराते है ।जिला मुख्यालय गरियाबाद से महज 12 किलोमीटर मे ये हाल है तो अंदुरूनी गांव मे तो विकास नही के बराबर है ।ग्रामीणों की हमेशा मांग रही है की इस मार्ग को पक्की सडक बनाय जाय और इस छोटी नदी मे पुलिया निर्माण किया जाय पर जनप्रतिनिधियो ने कभी भी ध्यान नही दिया ।

इस मुद्दे को लेकर वन मंडला आधिकारी गरियाबंद मयंक अग्रवाल से चर्चा

यह मार्ग वन विभाग के होने के कारण अडचने सामने आ जाति है ।जिस पर विगत दिनों ग्रैंड न्यूज संवाददातानागेश तिवारी और कुछ मीडिया कर्मी इस मुद्दे को लेकर वन मंडला आधिकारी गरियाबंद मयंक अग्रवाल से चर्चा की तो इस पर अधिकारी ने इस पर पुलिया निर्माण की मुद्दे को गंभीरता से लेते हुय आश्वाशन दीय की आने वाले बजट मे इसको प्रमुखता लिया जायेगा और स्टीमेट बना कर पुलिया बनाया जायेगा ।

पुलिया बनाने की मांग ( bridge) 

इस बात जानकारी जब ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने हर्ष व्याप्त किया और मीडिया टीम और अधिकारी को धन्यवाद दिया बता दे की लगभग 15 बच्चे प्राथमिक और माध्यमिक शाला मे पढ़ने राउत डेरा गांव जाते है । इस पर जब बच्चों से पूछा गया उन्होंने बताया की पैदल पढ़ने जाते है ।इससे हमे तकलीप नही है हमारी परेशानी का कारण नदी मे पुल नही होना है ।अगर पुलिया बन जाता है तो हमारी पढ़ाई नुकसान नही होगा ।साथ हि इस पर सडक और पुल बनाने से जिला गरियाबंद आने जाने से सुविधा मिलेगी क्यो की विकासखंड छुरा और फिंगेश्वर विकासखंड के बहुत से गावो को इस मार्ग से दूरी कम पड़ेगा जिसमे विजयनगर ,कुम्हारमरा ,अतरमरा ,तौरेंगा ,दिवना ,साकरा ,रवेली ,मुरमुरा, धुरसा जैसे दर्जनों गाव के लिए यह सुगम मार्ग बन सकता है ।