BREAKING NEWS : जशपुर। छत्तीसगढ़ में प्यार और भरोसे की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली है कि लिव-इन रिलेशनशिप में 30 साल तक रहने के बाद प्रेमी जोड़े ने शादी रचाई. इस बीच उनका एक बच्चा भी हुआ.

लोग कहते है कि प्यार- मोहब्बत किसी बंधन का मोहताज नहीं होता, प्यार में कोई शर्त नहीं होता. एक तरफ लिव-इन में रहते हुए आफताब-श्रद्धा की मर्डर मिस्ट्री की कहानी से देशभर में सनसनी है. वहीं छत्तीसगढ़ के आदिवासी जिला जशपुर के एक छोटे से गांव में विगत 30 सालों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे आदिवासी दंपति की शादी ग्राम पंचायत के सहयोग से कराई गई और माता-पिता की शादी में उनके बच्चे भी शामिल हुए।

सरडीह पंचायत में शादी

ग्राम पंचायत की ओर से शादी समारोह का आयोजन किया गया था और बीडीसी शब्बीर अंसारी ने वर-वधु को आशीर्वाद देकर कन्यादान किया. यह शादी मनोरा विकासखंड के सरडीह गांव में हुई. यहां मंगलवार को मंडप सजाया गया. जहां 30 साल और एक 4 साल से लिव-इन में रहे आदिवासी जोड़े को परिणय सूत्र में बांध गए. इन्हे 4 गांव के ग्रामीण आशीर्वाद देने पहुंचे।

वर-वधु अत्यंत गरीब

बीडीसी शब्बीर अंसारी और सरपंच अनिता बाई ने बताया कि दोनों जोड़ी के परिवार अत्यंत गरीब हैं. दिन-रात मेहनत करते है और परिवार का पालन पोषण करते है. दोनों जोड़ों के पास इतना पैसा नहीं है, जो अपनी शादी करा सकें. तब बीडीसी और सरपंच के पास प्रस्ताव रखा गया. फिर दोनों जोड़ी की रीति-रिवाज के साथ शादी कराई गई. इस वैवाहिक कार्यक्रम में पूरे पंचायत के लोग शामिल हुए और वर-वधू को आशीर्वाद दिया. दोनों वर-वधू की जोड़ी की बीडीसी शब्बीर अंसारी और सरपंच अनिता बाई ने विवाह कराया. बीडीसी अंसारी ने बताया कि गांव में चौकीदार और महतो के द्वारा सूचना दी गई थी.  दोनों वर-वधू की रीति-रिवाज के साथ शादी कराई गई.

30 साल से लिव-इन में रहे

मोतीलाल और केशमईत दोनों में प्रेम संबंध था. इसके बाद दोनों एक साथ रहने लगे. करीब 30 साल बिना शादी के साथ रहे. इस बीच एक बेटी भी हो गई. वह अब 12 साल की है और छठवीं कक्षा में पढ़ती है. बताया जा रहा है कि मोतीलाल की उम्र 67 साल और केशमईत की उम्र 52 साल है.