नई दिल्ली। PM Kisan Scheme : केंद्र सरकार (Central Government) ने बजट में किसानों की आय (Farmers Income Double) को दोगुनी करने का वादा किया था, जिसके अब पॉजिटिव रिजल्ट सामने नजर आ रहे हैं. सरकार की तरफ से साल 2016 में किसानों की आय को बढ़ाने के लिए एक समिति का भी गठन किया गया था। जिसकी मदद से कई रणनीतियों की सिफारिश की गई थी. पीएम किसान के अलावा भी सरकार ने कई ऐसी स्कीमें शुरू की है, जिससे किसानों की इनकम सीधे दोगुनी हो गई है.

5 गुना से भी ज्यादा बढ़ा बजट

सरकार ने वर्ष 2015-16 में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के लिए सिर्फ 25460.51 करोड़ रुपये का बजट दिया था, जिसको 5.44 गुना से भी ज्यादा बढ़ाया गया है. साल 2022-23 में इस बजट को 1,38,550.93 करोड़ रुपये कर दिया है.

योजना से किसानों की बढ़ी आय

साल 2019 के बजट में वित्त मंत्री ने पीएम किसान स्कीम की शुरुआत की थी. इस स्कीम के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये दिए जाते हैं. इसके माध्यम से अब तक लगभग 11.3 करोड़ पात्र किसान परिवारों को 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक धनराशि जारी की जा चुकी है.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

इसके साथ ही पीएम फसल बीमा योजना के जरिए भी किसानों को बड़ा फायदा मिला है. पीएमएफबीवाई 2016 में शुरू की गई थी, जिसके तहत किसानों की मदद की जा रही है. पिछले 6 सालों में 38 करोड़ किसानों ने इसमें रजिस्ट्रेशन कराया है. वहीं, 11.73 करोड़ किसानों को दावे मिले हैं.

1,24,223 करोड़ रुपये का किया जा चुका है भुगतान

इस अवधि के दौरान, किसानों द्वारा प्रीमियम के अपने हिस्से के रूप में 25,185 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जिसके लिए उन्हें 1,24,223 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है. इस प्रकार किसानों द्वारा भुगतान किए गए प्रत्येक 100 रुपये के प्रीमियम पर उन्हें दावों के रूप में लगभग 493 रुपये का भुगतान किया गया है. किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने 7 फैक्टर पर फोकस किया था।

आय में हुआ वृद्धि-

1. फसलों की उत्पादकता में वृद्धि
2. पशुधन की उत्पादकता में वृद्धि
3. संसाधन के उपयोग में दक्षता – उत्पादन लागत में कमी
4. फसल की सघनता में वृद्धि
5. उच्च मूल्य वाली खेती की ओर विविधीकरण
6. किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाना
7. अधिशेष श्रमबल को कृषि से हटाकर गैर-कृषि पेशों में लगाना।