हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। मुख्य रूप से ये पर्व ज्ञान, विद्या, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। मां सरस्वती की कृपा पाने के लिए वसंत पंचमी के दिन घर में ईशान कोण दिशा को साफ करके मां सरस्वती की प्रतिमा को लकड़ी की एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर स्थापित करें।

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स्वयं भी पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ मुख करके प्रतिमा का वस्त्र और फूलों से श्रृंगार करें, धूप या दीपक दिखाकर भोग लगाएं और घर के सभी सदस्यों के साथ मां का विधि विधान से पूजन करें. सफेद कपड़े, पीले फूल या फिर कमल का फूल चढ़ाएं, इसके बाद आप केसर की खीर या बेसन का हलवा बना कर भी भोग लगा सकते हैं।

भोग और मंत्र ( mantra) 

माता को पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद सरस्वती वंदना एवं मंत्र से मां सरस्वती की पूजा करें। आप चाहें तो पूजा के समय सरस्वती कवच का पाठ भी कर सकते हैं।

आखिर में हवन कुंड बनाकर हवन सामग्री तैयार कर लें और ‘ओम श्री सरस्वत्यै नमः: स्वहा” मंत्र की एक माला का जाप करते हुए हवन करें। फिर अंत में खड़े होकर मां सरस्वती की आरती करें।