प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अप्रैल को केरल को वाटर मेट्रो की सौगात देंगे. पीएम मोदी राष्ट्र को पहली वाटर मेट्रो सौपेंगे. काफी लंबे समय बाद इस मेट्रो को हरी झंडी मिली है. वाटर मेट्रो पटरियों पर नहीं बल्कि पानी पर दौड़ेगी. प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के लिए 23 वाटर बोट्स और 14 टर्मिनल होंगे, जिनमें से चार टर्मिनल पूरी तरह से शुरू किये जा चुके हैं. बता दें कि भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया में पहली बार वाटर मेट्रो चलाई जा रही है.

रविवार को आधिकारिक तौर पर जानकारी देते हुए बताया गया कि इस सेवा की शुरुआत होने से शहर के लोगों के आवागमन में आसानी होगी. वाटर मेट्रो कोच्चि जैसे शहर में काफी उपयोगी है. यह यात्रा में आसानी के साथ एक कम लागत वाली मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम साबित होने वाला है. यह कोच्चि और उसके आसपास के 10 द्वीपों को जोड़ने वाली केरल की महत्वाकांक्षी परियोजना है.

कोच्चि केरल में सबसे घनी आबादी वाले जिलों में से एक है और इस तरह यातायात की भीड़ को कम करने और कोच्चि झील के किनारे आसानी से पहुंचने के लिए परिवहन के नए तरीके की परिकल्पना की गई है. वाटर मेट्रो परियोजना 78 किलोमीटर तक फैली है और 15 मार्गों से होते हुए जाएगी. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने ‘कोच्चि वाटर मेट्रो’ को राज्य की ‘महत्वाकांक्षी परियोजना’ करार दिया, जो बंदरगाह शहर कोच्चि के विकास और वृद्धि को गति देगी.

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अप्रैल को यहां एक कार्यक्रम में कोच्चि वाटर मेट्रो (केडब्ल्यूएम) सेवा की शुरुआत करेंगे. विजयन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि कोच्चि में 1,136.83 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित प्रमुख परियोजना की शुरुआत के साथ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार द्वारा राज्य के लोगों को दिया गया एक और आश्वासन पूरा होने जा रहा है.