सक्ती। CG NEWS : भाजपा ने अपनी दूसरी सूची जारी कर दी है जिसमें सक्ती विधानसभा से डा.खिलावन साहू पर दाव खेला गया है। इधर सक्ती विधानसभा क्षेत्र में भाजपा में कोई खास उत्साह नहीं देखा जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण तब देखने को मिला जब टिकट पाने के बाद खिलावन साहू पहली बार भाजपा जिला कार्यालय सक्ती पहुंचे तब मुश्किल से लगभग 50 की संख्या में कार्यकर्ता ही मौजूद दिखे। जबकि टिकट के दावेदार प्रेम पटेल, टिकेश्वर गबेल अन्य चेहरे नदारत दिखे। स्पष्ट है विरोध की लहर सक्ती में चल रही है, जिसे समय रहते यदि ठीक न किया गया तो भाजपा इस लहर में बह जायेगी। वहीं नगर में यह भी चर्चा का विषय है कि कांग्रेस से डा. महंत यदि इस सीट से चुनाव लड़ते है तो खिलावन साहू उसके सामने कमजोर हो सकते है, भाजपा जिला कार्यालय में पहुंचने पर अधिकांश बड़े चेहरे नदारत मिले।

 

हालांकि विद्या सिदार वहां जरूर पहुंची, उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पार्टी ने जिसे टिकट दिया है उसे जिताना हम सबकी जिम्मेदारी बनती है इसलिए वह पार्टी हित में काम अवश्य ही करेगी। उन्होंने खिलावन साहू को जीत की अग्रिम बधाई देते हुए सभी को पार्टी के पक्ष में कार्य करने की बात कही। इस दौरान. जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा आदिवासी नेत्री श्रीमती विद्या सिदार वरिष्ठ भाजपा नेता रामअवतार अग्रवाल, रामनरेश सिंह यादव, अनूप अग्रवाल, अभिषेक शर्मा, अंकित अग्रवाल, गोविंद देवांगन पिंटू यादव यादव प्रमेन्द्र सिंह ठाकुर, रीता पटेल, अनीता यादव, पुष्पेंद्री कसेरा, सत्येंद्र सोनी, धनंजय नामदेव, बसंत सूर्या राजा अग्रवाल सहित अनेक कार्यकर्ता गण आदि उपस्थित रहे।

 

विदित हो कि सक्ती विधानसभा सीट पर पांच दशक तक राज परिवार का ही कब्जा रहा है जिसके बाद स्थिति बदली है, इस बार इस सीट पर बीजेपी के डा. खिलावन साहू को टिकट मिला है वही कांग्रेस अपने इस मौजूदा सीट को पाने कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सक्ती विधानसभा के बीते चुनावी परिणामों पर गौर करें तो पता चलता है कि वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मेघाराम साहू ने जीत दर्ज की थी तो वर्ष 2008 के चुनाव में कांग्रेस की सरोजा राठौर ने जीत का परचम लहराया था, इसके बाद 2013 में बीजेपी से डा. खिलावन साहू ने कांग्रेस की सरोजा राठौर को शिकस्त देकर विधायक बने थे। तब खिलावन साहू को 51577 वोट मिले थे और कांग्रेस की सरोजा राठौर को 42544 वोट मिले थे। अब परिस्थिति बदल गयी है। डा. चरण दास महंत राज्य के दिग्गज कांग्रेसी नेता है वर्तमान में उनका पद और रूतबा निश्चित रूप से इस सीट को अपने पक्ष में करने माहौल बनायेगी। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि भाजपा इस सीट को पाने किस रणनीति के तहत कार्य करती है। पहले तो उन्हे पार्टी के असंतुष्ट नेता व कार्यकर्ताओं को मनाना होगा जिसके बाद ही आगे की रणनीति बनेगी।

कृष्णकांत बने जैजैपुर से प्रत्याशी अब सक्ती का भाजपा जिलाध्यक्ष कौन..?

नवीन जिला सक्ती में भाजपा जिलाध्यक्ष की भूमिका में कृष्णकांत चंद्रा थे किंतु अब उन्हे जैजैपुर सीट से प्रत्याशी घोषित किया जा चुका है ऐसे में चुनावी माहौल में यदि नया जिलाध्यक्ष नहीं बनाया जाता है तो इसका असर तीनों विधानसभा के चुनाव में दिखेगा। ऐसे में अब देखने वाली बात होगी कि जिलाध्यक्ष का ताज पार्टी किसके सिर पर पहनाती है।