गरियाबंद-वीर बाल दिवस के मौके पर गरियाबंद के मेन रोड पर स्थित आत्मानंद स्कूल में गुरू गोविंद सिंह के साहबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की याद में स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया टथा जहां स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया थ,वही कार्यक्रम में ऐसा पल भी आया जब कार्यक्रम में शिक्षिका इन्द्रप्रीत कुकरेजा ने
वीर बाल दिवस पर गुरू गोविंद सिंह के बलिदान और उनके सुपुत्रों की शहादत की गाथा बच्चों के बीच संबोधित करते हुए उनके आँखों आशु छलक आए पर उनका सम्बोधन रुका नहीं वे उन वीरो की गाथा सुनाते रहे, उन्होंने बतलाया य​ह दिन समर्पित है गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों को। इन्होंने धर्म के लिए खुद को बलिदान कर दिया, लेकिन बर्बर मुगलों के सामने घुटने नहीं टेके। गुरु गोविंद सिंह के बेटों फतेह सिंह और जोरावर सिंह को मुगलिया फौज के सेनापति वजीर खान ने दीवार में जिंदा चुनवा दिया था, लेकिन उनके मुँह से उफ तक नहीं निकली।

शिक्षिका इन्द्रप्रीत कुकरेजा ने वीर बाल दिवस के अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि आज हमारा सौभाग्य है कि हम सभी यहां वीर बाल दिवस मनाने एकत्र हुए हैं। आज का दिन गुरु गोविंद सिंह जी के दोनों साहिबजादों की शहादत का दिन है, जिन्होंने मुगलों के दबाव और यातनाओं बावजूद भी हार नहीं मानी और मात्र छह और नौ वर्ष की आयु में शहादत को स्वीकार किया जिसके लिए उन्हें दीवार में चुनवा दिया गया सिख समाज का इतिहास ऐसी ही कुर्बानियों से गौरवशाली बना हुआ है।

उन्होंने ने कहा कि भारत के ऐसे गौरवशाली इतिहास को लोगों के सामने लाने का काम हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया है और इसके लिए हमारे पूरे टीम की ओर से उन्हें धन्यवाद देते है। हम सभी को इस बात पर गर्व है कि देश दुनिया में साहिबजादों को याद रखने के लिए आज के दिन को वीर बाल दिवस के रूप में दिन मनाने का ऐलान किया गया है।