स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न शालाओं से 20 शिक्षक और कर्मचारी लम्बे समय से बिना किसी पूर्व सचना के स्कूल से अनधिकृत रूप से नदारद हैं. मामले में पिछले बैठक में कलेक्टर अवनीश शरण ने ऐसे शिक्षकों की सूची पेश करने को कहा था. जिला शिक्षा अधिकारी ने सोमवार को बैठक के दौरान बताया कि 20 शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के कार्य पर अनुपस्थित है.

स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न शालाओं से 20 शिक्षक और कर्मचारी लम्बे समय से स्कूल से अनधिकृत रूप से नदारद हैं. इनमें 13 शिक्षकों की गैरहाजिरी 3 साल से अधिक अवधि की और 7 शिक्षक एवं कर्मचारी 3 साल से कम अवधि से स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं. जिला शिक्षा अधिकारी ने आज टीएल की बैठक में जिला कलेक्टर को उनके निर्देशों के अनुरूप नदारद शिक्षकों की सूची सौंप दी. कलेक्टर अवनीश शरण ने तीन साल से अधिक अवधि से गायब शिक्षकों की सेवा समाप्ति के लिए अंतिम नोटिस जारी करने के निर्देश दिए. तीन साल से कम अवधि वाले कर्मियों को भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कहा है. इनमें से कुछ शिक्षक तो दस-दस, ग्यारह-ग्यारह साल से बिना सूचना के स्कूल से गायब हैं. इससे स्कूल की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

इन शिक्षकों पर हुई कार्रवाई 

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिल्लीबंद (कोटा)के शिक्षक बत्तीलाल मीना 11 वर्ष से, मनोरमा तिवारी रिस्दा 10 साल से, प्रेमलता पाण्डेय नवागांव 9 साल से, राकेश उरांव दर्रीघाट 8 साल से, अल्का महतो फरहदा 7 साल से, नलिनी अग्रवाल दर्रीघाट 6 साल से, दिव्यनारायण रात्रे 6 साल से, स्टेनली मार्क एक्का तिफरा, 5 साल से, बसंत कुमार लकड़ा ओखर 5 साल से, शारदा सिंह, मोढ़े 5 साल से, यशवंत कुमार साहू डण्डासागर 3 साल से, मेघा यादव परसापानी 3 साल से, हरीराम पटेल भटचैरा 3 साल से, शिवकुमार बछालीखुर्द 2 साल से, अमन मिरी 22 महीने से, श्याम सुंदर तिवारी सीपत 18 माह से, राकेश मिश्रा बेलसरा 18 माह से, मदनलाल श्यामले कंआंजति 17 माह से, रामबिहारी ताम्रकार मस्तरी 15 माह से तथा शशिकान्त यादव सीस 11 महीने से स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं. ज्ञात हो कि लगातार तीन साल से अधिक अवधि से शासकीय सेवा से बाहर रहने पर कर्मचारी की सेवा समाप्ति के निर्देश हैं.