रायपुर। CG VIDHANSABHA : विधानसभा में आज ज्यादातर सवाल प्रदेश में चल रहे जल जीवन मिशन को लेकर था। सत्ता पक्ष के विधायकों ने अपने ही मंत्री पर सवालो की झड़ी लगा दी। भाजपा विधायकों ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना में जमकर अनियमितता हुई है। दोषी अफसरों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग इन विधायकों ने की। विभागीय मंत्री ने इसका सर्वे कराकर दोषी ठेकेदार का भुगतान रोकने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की घोषणा सदन में की।
प्रश्नकाल के दौरान आज इस विषय पर भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर, मोतीलाल साहू, राजेश मूणत और गोमती साय के सवालों से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव जमकर घिर गए। इन विधायकों का कहना था कि ऐसे गांव हैं जो जल श्रोत विहीन है यहां भी पानी टंकी बनाकर पाइप लाइन बिछा दिया गया है परन्तु आज तक इन गांवों में पानी नहीं पहुंचा है । शहर विधायक मोतीलाल साहू और राजेश मूणत ने बताया कि रायपुर के 45 वार्डों में जल जीवन के पाइप लाइन बिछने के बाद भी लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। पाइप लाइन के लिए ठेकेदार ने निगम से NOC भी नहीं ली है।चर्चा के दौरान भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने बिना जल श्रोत वाले गांव में टंकी निर्माण और पाइप लाइन बिछाने में जमकर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की। विभागीय मंत्री अरुण साव ने बताया कि केंद्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का 80 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो गया है,50 लाख घरों में पानी पहुंचना है।2028 तक इसे पूरा करने की समय सीमा रखी गई है। विभागीय मंत्री ने भाजपा सदस्यों को आश्वस्त किया कि इस योजना में जहां भी अनियमितता हुई है उसकी जांच कराएंगे और दोषी पाए जाने पर ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर उनका भुगतान रोका जाएगा। इसके साथ ही दोषी विभागीय अधिकारियों पर भी कार्रवाई की घोषणा मंत्री ने सदन में की है।