गरियाबंद जिले के घोर नक्सल प्रभावित ग्राम छोटे गोबरा और नवागांव (पथराझोरकी) में पुलिस अधीक्षक निलिख राखेचा अपनी टीम के साथ पहुंचे। सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने बिजली, पानी, स्कूल, भवन जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग की, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने संबंधित विभागों से बात कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
इस दौरान पुलिस टीम ने ग्रामीणों को दैनिक उपयोग की सामग्री वितरित की और सरकारी आत्मसमर्पण नीति की जानकारी देते हुए नक्सल प्रभावित युवाओं को मुख्यधारा में लौटने का संदेश दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सरकार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को स्वरोजगार, स्वास्थ्य, आवास और सरकारी नौकरी जैसी सुविधाएं प्रदान कर रही है।
ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को अपने बीच पाकर खुशी जाहिर की और इस पहल की सराहना की। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सुदूर अंचलों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना और लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।