नई दिल्ली। PM E-Drive : केंद्र सरकार की प्रमुख योजना PM E-Drive के तहत वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में अब तक ₹422 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। यह राशि पूरे वित्तीय वर्ष के लिए आवंटित कुल बजट का 27% है। यह फंड मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों की सब्सिडी के रूप में दिया गया है।
PM E-Drive योजना का कुल बजट
सरकार ने PM E-Drive योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा बजट निर्धारित किया है:
– EV दोपहिया वाहनों की सब्सिडी: ₹1,064 करोड़
– EV तिपहिया वाहनों की सब्सिडी: ₹511 करोड़
– इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर फोकस: ₹4,391 करोड़
इस योजना के तहत देश के 10 प्रमुख शहरों— दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, सूरत, बेंगलुरु और हैदराबाद में इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा दिया जाएगा।
EV अपनाने की बढ़ती रफ्तार
सरकार द्वारा चलाई जा रही EV सब्सिडी योजनाओं का असर भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बिक्री पर साफ दिख रहा है।
– FY25 में अब तक EV बिक्री: 19 लाख यूनिट्स (17% बढ़ोतरी)
– FY24 में EV बिक्री: 16 लाख यूनिट्स
पहले की EV सब्सिडी योजनाएं
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पहले भी कई योजनाएं चलाई हैं:
– FAME योजना (FY15 – FY24)
– EMPS (Electric Mobility Promotion Scheme) – अप्रैल से सितंबर 2024
– PM E-Drive योजना – FY25 और FY26 तक लागू
PM E-Drive योजना के तहत सरकार का लक्ष्य है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाई जाए और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम की जाए। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में भी वृद्धि कर सार्वजनिक परिवहन को और अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाया जाएगा।