सुकमा। CG NEWS : तेलंगाना के भद्राद्रि कोत्तागुडेम जिले में माओवादियों को एक और बड़ा झटका लगा है। गृह मंत्री अमित शाह के हाल ही में संपन्न बस्तर दौरे के बाद नक्सलियों पर सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव का असर अब साफ नजर आने लगा है। शनिवार को कोत्तागुडेम जिले के हेमचंद्रपुरम पुलिस मुख्यालय में कुल 86 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।
जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली भद्राद्रि, कोत्तागुडेम और मुलुगु जिलों से संबंधित हैं, लेकिन मूलतः छत्तीसगढ़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में 66 पुरुष और 20 महिलाएं शामिल हैं। इन सभी ने भद्राद्रि कोत्तागुडेम मल्टी जोन-1 के आईजी चंद्रशेखर रेड्डी के समक्ष हथियार डाल दिए।
आईजी रेड्डी ने बताया कि यह आत्मसमर्पण तेलंगाना सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन चेयुथा’ के तहत हुआ है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सरकार की ओर से तत्काल सहायता के रूप में 25,000 रुपये की राशि दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सामूहिक आत्मसमर्पण बस्तर में बढ़ती पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा बलों के सतत दबाव का परिणाम है। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा लगातार माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों से उनके हौसले पस्त हो चुके हैं।
गौरतलब है कि इससे ठीक एक दिन पहले सुकमा जिले में कुख्यात नक्सली बारसे देवा के भाई समेत कुल 20 लाख रुपये के इनामी नक्सलियों ने सुकमा एसपी किरण चव्हाण के सामने आत्मसमर्पण किया था।
लगातार हो रहे आत्मसमर्पण यह संकेत दे रहे हैं कि माओवादियों के संगठन में दरारें गहराती जा रही हैं और सरकार की पुनर्वास नीतियों के चलते वे अब मुख्यधारा में लौटने को इच्छुक हैं। यह घटनाक्रम आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।