शुरू हो गए 33 मुख्यमंत्री ई-साक्षरता केन्द्र

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी क्षेत्रों में डिजीटल साक्षरता से वंचित लोगों तक डिजिटल उपकरणों का व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करने और उन्हें इसके उपयोग के लिए समर्थ बनाने की दृष्टि से मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इसके तहत प्रदेश में प्रथम चरण में 33 मुख्यमंत्री ई-साक्षरता केन्द्र शुरू हो गए हैं।इस योजना का उद्देश्य साक्षरता क्रांति के दौर में छत्तीसगढ़ के नागरिकों को अधिक डिजिटल साक्षर बनाना उन्नत तकनीक से उनकी कार्यक्षमता का उन्नयन करना है। इसके लिए नगरीय निकायों में वंचित वर्ग तक ई-साक्षरता की पहंुच बनाना प्रारंभ हो गया है। इन 33 केन्द्रों के अलावा दुर्ग जिले के भिलाई और पाटन तथा बालोद नगरपालिका परिषद में शीघ्र ई-साक्षरता केन्द्र भी प्रारंभ किया जा रहा है|
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह और प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी की उपस्थिति में पिछले 28 फरवरी को इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था।मुख्यमंत्री ई-साक्षरता केन्द्रों में 25-25 के बैच में ई-साक्षरता से वंचित 14 वर्ष से 60 वर्ष तक के लोगों को ई-एजुकेटर्स द्वारा एक-एक माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का समय 11 से 1 बजे तक एवं 3 से 5 बजे तक या स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा प्रत्येक माह इन प्रशिक्षण केन्द्रों का आंतरिक मूल्यांकन किया जाएगा। प्रशिक्षण के उपरांत परीक्षा में पास लोगों को डिजिटल हस्ताक्षर वाला प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।डिजिटल साक्षरता के माध्यम से उन्हें कम्प्यूटर के साथ सभी प्रकार के डिजिटल उपकरणों जैसे टेबलेट, मोबाइल आदि उपकरणों से परिचित कराते हुए उन्हें इसका चलाना सिखाया जाएगा। इसी तरह इंटरनेट का उपयोग, ऑनलाइन सेवा के द्वारा शासन की विभिन्न योजनाओं व लक्ष्यों की जानकारी प्राप्त करने, ई-आवेदन जमा करने, कैश-लेस लेनदेन, ई-भुगतान, डिजिटल लॉकर का उपयोग करने व दस्तावेजों की ई-शेयरिंग करने जैसे कार्य भी सिखाए जाएंगे। इसी तरह ई-मेल, अत्यावश्यक सेवा जैसे रेल और बस का टिकट बुक करना, मोबाइल एवं टी.व्ही. रिचार्ज, बिजली बिल भुगतान करना भी सिखाया जाएगा।

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