मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा…किसी भी जांच एजेंसी से डरने का सवाल ही नहीं

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को राजीव भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सुपर सीएम का सुपर घोटाला बेनकाब हो गया है। एक ही कम्प्यूटर से टेंडर भरे जा रहे थे तो समझा जा सकता है कि सरकार कैसे काम कर रही थी। जांच को भाजपा बदलापुर की राजनीति करार दे रही है पर यह न्याय की बात है।

सीएम श्री बघेल ने पूर्व सीएम रमन सिंह के एक बयान पर कहा कि किसी भी जांच एजेंसी से डरने का तो सवाल ही नहीं है। रमन सिंह ने 15 सालों में बहुत डराने की कोशिश की है। मैंने कहा है कि मुझे मौत का भय भी नहीं है। यह संघीय ढांचे को मजबूत करने के लिए लिया गया निर्णय है।

भारत में संविधान का संघीय ढांचा है। इसका अनुरूप केंद्र सरकार और राज्य सरकार से अधिकार स्पष्ट किए गए हैं।सीबीआई केंद्र सरकार की एजेन्सी है जिसे किसी भी राज्य में जांच करने के पहले राज्य सरकार की अनुमति प्राप्त करना आवश्यक एवं संविधान के अनुसार बंधनकारी है। भाजपा की सरकार ने सीबीआई को छत्तीसगढ़ में किसी भी जांच के पहले अनुमति प्राप्त करने की आवश्यकता से मुक्त कर दिया था।

 

केंद्र सरकार की एजेन्सी को भी छत्तीसगढ़ में किसी भी जांच के पहले अनुमति प्राप्त करने को बाध्यता को शिथिल कर दिया था। कांग्रेस सरकार के राज्य सरकार की अनुमति की इसी जरूरत को फिर से आवश्यक किया है जो संविधान के संघीय ढ़ांचे के अनरूप है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संविधान प्रदत्त अधिकारो का प्रयोग किया है, यह उचित है। कानूनी है। सीबीआई को राज्य में जांच करनी है तो वह राज्य सरकार से अनुमति प्राप्त कर ले यही तो संवैधानिक प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि 2001 में एसीएस के रूप मे एके विजयवर्गीय ने पत्र लिखा था। 2012 में मुख्यमंत्री के ओएसडी रहते हुए सीबीआई के संदर्भ में पत्र लिखकर अनुमति वापस ली थी। आज जो आरोप लगा रहे हैं पूर्व मुख्यमंत्री उससे वह स्वयं सहमत रहे हैं। सीएम ने कहा कि जहां न्याय की संभावना है वहां जांच भी होगी और काम भी चलता रहेगा।

सीएम ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी 28 जनवरी को छत्तीसगढ़ आ सकते हैं। श्री गांधी छत्तीसगढ़ आएंगे तो हम उन्हें किसानों के बीच लेकर जाना चाहेंगे।

 

कैग की रिपोर्ट पर कहा कि हम अध्ययन कर रहे हैं जहां भी जांच की आवश्यकता महसूस होगी की जाएगी। संविदा पर कहा जिनकी आवश्यकता रहेगी वो काम करेंगे पर जिन्हें सिर्फ पदों को भरने के लिए नियुक्ति की गई थी वे वापस जाएंगे। ऐसे लोगों की निष्ठा उनके प्रति हो जाती है जिन्होंने नियुक्त किया था इसलिए ऐसे लोगों को हटाया जाएगा।

पुन्नी मेला पर सीएम ने कहा कि पुन्नी मेला हमारी सांस्कृतिक विरासत है। पुन्नी मेला प्रदेश की पहचान संस्कृति और परंपरा है उसे हमने बरकरार रखने का प्रयास कर रहे हैं। सदियों से हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक रहा है।

इस पर तत्कालीन भाजपा सरकार ने तब हमला किया जब उसने तमाम धार्मिक ,पौराणिक मान्यताओं को दरकिनार करते हुए इसे कथित राजिम कुंभ में परिवर्तित कर दिया था। नाम परिवर्तन की गैर जरूरी राजनीति कर जनता के असली सवालों से ध्यान भटकाने का काम भाजपा ने पहली बार नहीं किया है।

भारतीय जनता पार्टी का इतिहास इसी बात से भरा है। उन्होंने कहा कि रमन सिंह जब भी मुझ पर एक उंगली उठाएंगे तो तीन उंगली उनकी तरफ होगी। केवल इतना ही नहीं इस कथित कुम्भ मेले के नाम पर तत्कालीन भाजपा सरकार हर साल करोड़ों रुपयों का अनुत्पादक व्यय करती रही है और जनता के धन को उस पवित्र नदी की रेत में बहाती रही है।

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