जिस गुजरात में बिहार-यूपी वालों पर हो रहा हमला वहां चीफ सिकरेट्री, डीजीपी व सिकरेट्री होम सहित 40 फीसदी अफसर हैं बिहार-यूपी के

जिस गुजरात में यूपी और बिहार के लोगों को डर के साये में जीना पड़ रहा है, दुर्भाग्य की बात है कि उस गुजरात में पूरा लॉ एंड आर्डर बिहार और यूपी के अफसरों के हाथों में है। गुजरात के ब्यूरोक्रेसी के आंकड़े बताते हैं कि गुजरात के IAS और IPS की संख्या में 40 फीसदी से ज्यादा अफसर यूपी-बिहार के हैं। चीफ सिकरेट्री से लेकर डीजीपी  तक और डीजीपी से लेकर होम सिकरेट्री तक जैसे टॉप पोस्ट पर बिहार और यूपी के रहने वाले अफसर हैं। मुख्य सचिव जेएन सिंह बिहार के रहने वाले हैं, तो वहीं डीजीपी शिवानंद झा भी बिहार से हैं, वहीं सिकरेट्री होम एके तिवारी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।

अब इससे बड़ी विड़ंबना क्या होगी। कि जिस प्रदेश के टॉप की तीन पदों सहित 40 फीसदी लॉ एंड आर्डर के पोस्ट पर बिहार-यूपी के लोग पोस्टेंड हों, वहां पिछले एक सप्ताह से गुजरात में बिहार-यूपी के लोग दहशत में जी रहे हैं। संगीनों के साये में जीने को मजबूर बिहार-यूपी के लोगों का लगातार पलायन का दौर जारी है।राज्य के डीजीपी शिवानंद झा बिहार के हैं। राज्य के मुख्य सचित जे.एन. सिंह बिहार के हैं। गृह सचिव एके तिवारी यूपी के हैं। राज्य की कानून-व्यवस्था संभालने वाले 20 प्रतिशत अाईएएस, 20 प्रतिशत आईपीएस मिलकर कुल 40 प्रतिशत आईएएस-आईपीएस अधिकारी यूपी-बिहार के हैं। आईएएस की बात करें, तो सरकारी आंकड़ों के अनुसार हिंदी डेप्यूटेशन समेत 243 आईएएस-आईपीएस यूपी-बिहार के हैं। इसमें 6 प्रिंसिपल सेक्रेटरी भी  है। चार एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, तीन सेक्रेटरी और तीन सेक्रेटरी इसमें शामिल हैं। बाकी के आईएएस कलेक्टर, डायरेक्टर, सीईओ समेत विभिन्न पदों पर हैं। आईपीएस अधिकारियों में पुलिस कमिश्नर डीएसपी समेत विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जवाबदारी निभा रहे हैं।

 

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