रायगढ़। Mahashivratri 2025 : पूरे देश में आज महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है, वही रायगढ़ जिले के बुढ़ी माई मंदिर से इस वर्ष एक भव्य शिव पार्वती बारात का आयोजन किया गया, जिसमें भगवान शिव, पार्वती, विष्णु, लक्ष्मी, ब्रह्मा और नंदी समेत बेतहाशा आकर्षक बारातियों का समूह था। खास बात यह रही कि इस बारात में शिवगण भूत प्रेत और पिशाच की वेशभूषा में नजर आए, जो आयोजन की अनूठी विशेषता थी। इसके अलावा, इस बारात में धार्मिक उल्लास के साथ-साथ उत्सव का माहौल भी बना हुआ था, जो पूरे नगर में आकर्षण का केन्द्र बन गया।
आयोजन समिति ने इस वर्ष शिव बारात को लेकर पूरी ताकत झोंकी है और तीन अलग-अलग स्थानों से बारातों का आगाज किया। बुढ़ी माई मंदिर से शुरू होकर यह शिव पार्वती बारात दरोगा पारा के रास्ते स्टेशन चौक, गांधी प्रतिमा चौक, सुभाष चौक, रामनिवास टाकीज चौक होते हुए गौरीशंकर मंदिर चौक पहुंची। यहां से यह बारात सत्यनारायण बाबाधाम तक पहुंचकर समापन हुआ।
इस आयोजन में लोग जोश से झूमते हुए शिव की महिमा का गुणगान करते दिखे। पुलिस प्रशासन की भी सक्रिय भूमिका रही। यातायात डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में चक्रधर नगर, कोतवाली, यातायात और जूटमिल पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सख्ती से मोर्चा संभाला। उनका मुख्य कार्य शिव भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करना और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना था।
पुलिस अधिकारियों ने इस बारात के दौरान यातायात के रास्ते और भीड़ को व्यवस्थित रखा, जिससे किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।शिव पार्वती बारात में भाग लेने वाले श्रद्धालु और व्रती अपने गहरे धार्मिक विश्वास और आस्था के साथ इस आयोजन में शामिल होते हैं। भक्तों का मानना है कि इस बारात में भाग लेने से उनके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। शिव और पार्वती की पूजा से परिवार में सुख और प्रेम का वास होता है। व्रति खासतौर पर महाशिवरात्रि के दौरान उपवास रखते हैं और रात्रि भर जागरण करते हैं, ताकि उनकी मनोकामनाएं पूरी हों। यह धार्मिक आयोजन उनकी आस्था और भगवान शिव के प्रति अडिग विश्वास को दर्शाता है। इस प्रकार, इस वर्ष की शिव पार्वती बारात ने धार्मिक उल्लास के साथ-साथ सामूहिक रूप से समाज की एकता को भी दर्शाया। शहरवासियों ने इसे एक यादगार आयोजन मानते हुए ताम-झाम और श्रद्धा के साथ पूरा किया।