सुकमा। CG NEWS : नगर के बीचों-बीच 40% आयरन मिश्रित लाल मिट्टी (टेलिंग्स) के डंपिंग से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। बैलाडीला से प्रतिदिन लगभग 100 टिप्पर लाल मिट्टी ला रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में धूल और प्रदूषण फैल रहा है। यह टेलिंग्स लोहा मिश्रित होती है, जो हवा में घुलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस डंपिंग कार्य में संलिप्त ठेकेदार और ट्रांसपोर्टर कांग्रेसी नेता जमील ख़ान हैं, जिनका प्रभाव इतना अधिक है कि खनिज विभाग भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने से हिचकिचा रहा है।
स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव
डंपिंग से निकलने वाली धूल और लौह तत्व युक्त कण हवा में घुलकर लोगों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह धूल सांस के माध्यम से शरीर में जाकर अस्थमा, फेफड़ों के संक्रमण और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन इस पूरे मामले में उदासीनता बरत रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि पर्यावरण विभाग ने इस कार्य के लिए NOC कैसे जारी कर दी? क्या इस क्षेत्र में पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किया गया था? यदि नहीं, तो यह स्पष्ट रूप से नियमों की अनदेखी को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों ने दी चेतावनी
नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस डंपिंग को जल्द से जल्द नहीं रोका गया तो वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। प्रशासन से मांग की जा रही है कि तुरंत इस डंपिंग पर रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया, तो यह मामला पर्यावरणीय आपदा का रूप ले सकता है, जिससे न केवल सुकमा के लोग प्रभावित होंगे बल्कि यह भविष्य में पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर समस्या बन सकता है।