गरियाबंद, 05 अप्रैल 2025: गरियाबंद नगर पालिका और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को दुर्गा महाष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। सुबह के पहले प्रहर से ही माँ दुर्गा के मंदिरों और दुर्गा पंडालों में हवन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर चलता रहा। इस अवसर पर माँ दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही लगी रही, जहाँ भक्तों ने माँ के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की। नगर के शिव दुर्गा मंदिर, काली मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों और ग्रामीण क्षेत्रों के पंडालों में भी पूजा-अर्चना और हवन के आयोजन ने धार्मिक उत्साह को चरम पर पहुँचा दिया।
मंदिरों में भक्ति का अनुपम संगम, हवन से पवित्र हुआ वातावरण
शनिवार की सुबह जैसे ही सूरज की पहली किरणें गरियाबंद पर पड़ीं, वैसे ही माँ दुर्गा के भक्त मंदिरों की ओर चल पड़े। शिव दुर्गा मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। यहाँ अष्टमी के अवसर पर विशेष पूजा और हवन का आयोजन किया गया, जिसमें मंत्रोच्चार और भजनों की मधुर ध्वनि से मंदिर परिसर गूंज उठा। हवन की पवित्र अग्नि से उठने वाला धुआँ और उसकी सुगंध ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। मंदिर के पुजारी ने बताया कि इस दिन माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त विशेष रूप से यहाँ आते हैं और अपनी मनोकामनाएँ माँ के समक्ष रखते हैं।
नगर के शिव दुर्गा मंदिर में भी अष्टमी पूजा और हवन का भव्य आयोजन हुआ। यहाँ माँ दुर्गा के स्वरूप की पूजा के साथ-साथ भक्तों ने हवन में आहुति दी और माँ से सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। अन्य छोटे-बड़े मंदिरों में भी सुबह से ही पूजा का दौर शुरू हो गया था,
कन्या भोज और प्रसाद वितरण से बढ़ा उत्साह
महाष्टमी के इस पावन अवसर पर माँ दुर्गा की पूजा के बाद कन्या भोज का आयोजन भी प्रमुख आकर्षण रहा। मंदिरों और पंडालों में छोटी कन्याओं को माँ दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की गई। उन्हें नए वस्त्र, उपहार और भोजन प्रदान किया गया। इसके बाद प्रसाद वितरण का कार्यक्रम हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कन्या भोज के दौरान माहौल भावुक और आनंदमय हो उठा, क्योंकि भक्तों का मानना है कि कन्याओं की सेवा से माँ दुर्गा प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं।
शिव दुर्गा मंदिर में हवन के दौरान जो शांति और पवित्रता का अनुभव हुआ, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है- आशीष तिवारी
आशीष तिवारी ने कहा, “गरियाबंद में दुर्गा महाष्टमी का यह पर्व हर साल एक नई ऊर्जा और भक्ति का संचार करता है। शिव दुर्गा मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ और हवन के दौरान मंत्रोच्चार का माहौल अद्भुत था। मैंने अपने परिवार के साथ यहाँ पूजा में हिस्सा लिया और माँ से समाज के कल्याण की प्रार्थना की। यहाँ की हर गली, हर मंदिर और हर पंडाल माँ दुर्गा की महिमा से गूंज रहा था।
यह पर्व हमारी संस्कृति और आस्था का आधार है- वर्षा तिवारी
वर्षा तिवारी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “माँ दुर्गा मंदिर में सुबह से ही दर्शन के लिए भक्तों की कतारें और हवन की पवित्र सुगंध ने मन को शांति प्रदान की। मैं हर साल यहाँ आती हूँ और इस बार भी माँ से अपने परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। कन्या भोज के दौरान छोटी बच्चियों के चेहरों पर खुशी देखकर मन भर आया। यह पर्व हमारी संस्कृति और आस्था का आधार है, और इसे और विस्तार से लोगों तक पहुँचाना चाहिए।”
श्रद्धालुओं ने साझा की अपनी भावनाएँ
माँ दुर्गा मंदिर में दर्शन के लिए आए अन्य भक्तों ने भी अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं। एक श्रद्धालु ने कहा, “हर साल महाष्टमी के दिन माँ के दर्शन करने का एक अलग ही सुकून मिलता है। यह पर्व हमारी आस्था को और मजबूत करता है।” वहीं, एक अन्य भक्त ने बताया, “शिव दुर्गा मंदिर में हवन के दौरान जो शांति और पवित्रता का अनुभव हुआ, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। माँ दुर्गा की कृपा से ही हमारा जीवन सार्थक है।”