अभनपुर विकासखंड में फिर आया मवेशियों को बंधक बनाकर भूखे -प्यासे रखने का मामला, पारागांव के मिनी स्टेडियम में रखा जा रहा बंधक गायों को, हफ्तेभर पहले एक ऐसे ही मामले में हुई थी 4 गायों की मौत

रायपुर।  हफ्तेभर पहले ही अभनपुर विकासखंड के भरेंगाभाठा ग्राम पंचायत में मवेशियों को भूखे -प्यासे बंधक बनाकर रखने से 4 गायों की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया था। वही एक बार फिर अभनपुर ब्लॉक के पारागांव में मवेशियों को बंधक बनाकर रखने का मामला उजागर हुआ है। किसान ग्राम समिति के द्वारा पारागांव में नवनिर्मित मिनी स्टेडियम में मवेशियों को बंधक बनाकर रखा गया है, जहां उनके लिए चारा पानी की व्यवस्था नहीं की जा रही है। वही इस मामले में गांव के सरपंच प्रतिनिधि और पंच ने गायों के लिए रोजाना चारा -पानी की वयवस्था करने की बात कही है।
            अभनपुर विकासखंड के भरेंगाभाठा ग्राम पंचायत में बंधक बनाए गए मवेशियों की भूख -प्यास से मौत के बाद फिरसे वही गलती दोबारा दोहराई जा रही है। पारागांव में युवाओं के खेलने के लिए बनाए गए मिनी स्टेडियम में मवेशियों को बंधक बनाकर रखा जा रहा है। साथ ही बंधक बनाए गए इन मवेशियों के लिए चारा-पानी की व्यवस्था भी नहीं की जा रही है। वही ग्रामीण युवाओं ने स्टेडियम में गायों को रखने का विरोध करते हुए शासन -प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों से मवेशियों को दूसरे जगह रखकर उनके लिए उचित व्यवस्था करने की बात कही है। इस मांमले में सरपंच प्रतिनिधि और पंच का कहना है कि गांव में गौठान और कांजी हाउस की व्यवस्था नहीं है, इसके चलते अपनी फसलों को बचाने के लिए किसान ग्राम समिति के लोग आवारा मवेशियों को मिनी स्टेडियम में रख रहे है। उन्होंने ने बताया कि किसान ग्राम समिति द्वारा गायों के लिए रोजाना चारा और पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। साथ ही उनके लिए जानवरों के डॉक्टर की भी व्यवस्था है।
                        गौरतलब है कि अभनपुर विकासखंड के भरेंगाभाठा ग्राम पंचायत में हफ्तेभर पहले ही मवेशियों को भूखे -प्यासे बंधक बनाकर रखने के मामले में 4 गायों की मौत हो चुकी है। वही इस गलती को फिरसे अभनपुर के पारागांव में दोहराने की कोशिश की जा रही है। जहां मिनी स्टेडियम में बड़ी संख्या में गायों को बंधक बनाकर रखा गया है। यहां के ग्रामीण युवा मवेशियों को स्टेडियम में बंधक बनाकर रखने का विरोध करते हुए उन्हें चारा -पानी नहीं देने की बात कर रहे है, वही सरपंच प्रतिनिधि और पंच, किसान ग्राम समिति द्वारा मवेशियों का पूरा ध्यान रखने का दावा कर रहे है। वही एक बार गायों की मौतों का बड़ा मामला सामने आने के बाद भी शासन-प्रशासन शांत बैठी हुई है।

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