सत्र अवसान के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिखाया तेवर… कहा, सत्ता सुख भोगते आई भाजपा को रास नहीं आ रहा विपक्ष

विधानसभा सत्र अवसान के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बेहद तीखे तेवर में नजर आए। उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि सारकेगुड़ा मामले में दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा, चाहे वह किसी भी हैसियत का क्यों न हो। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सारकेगुड़ा कांड भाजपा शासनकाल में हुआ था, 6 माह के भीतर न्यायिक जांच रिपोर्ट पटल में रखा जाना था, लेकिन जानबूझकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, क्योंकि तत्कालीन सरकार खुद उसमें फंस गई थी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सारकेगुड़ा कांड की जांच के लिए जो कमेटी गठित की गई थी, उसमें स्व. नंदकुमार पटेल भी शामिल थे। तत्कालीन सरकार चाहती तो उसी समय जांच रिपोर्ट पटल पर रखी जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, इस वजह से 7 साल बाद जांच रिपोर्ट को हमारी सरकार ने पटल पर रखा, तब उन्हें विशेषाधिकार हनन का ख्याल आ गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कई मामले में जिसमें पूर्ववर्ती सरकार बुरी तरह से फंसी हुई है। इसलिए ऐसे मामलों के जांच को रोकने के लिए पीआईएल लगाती है, ताकि उनकी कलई न खुले, लेकिन दोष छिपाए नहीं छिपती है।
पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव के लिए अभी भिड़ना है, प्रदेश के विकास के लिए नगर सत्ता पर काबिज होने के लिए योग्य उम्मीदवारों को टिकट दिया जाएगा। कार्यकर्ताओं की नाराजगी के सवाल पर कहा कि हर किसी को प्रत्याशी नहीं बनाया जा सकता, इस बात को कार्यकर्ता बेहतर समझते हैं। योग्य व्यक्ति ही प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतारा जाएगा और सभी का सहयोग प्रत्याशियों को मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *