रायपुर। लाॅक डाउन 2.0 के बीच 20 अप्रैल से प्रदेश में विभिन्न गतिविधियों को छूट मिलने जा रही है। छग सरकार ने इस संबंध में विचार करने के बाद यह आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न जिलों को तीन कैटेगरी में विभाजित किया गया है। इनमें रेड जोन वाले जिले में लाॅक डाउन फिलहाल 3 मई तक यथावत बना रहेगा, लेकिन आॅरेंज और ग्रीन जोन में अति आवश्यक सेवाओं के साथ अन्य गतिविधियों के संचालन की छूट सशर्त दी जाएगी। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में प्रत्येक सेक्टर को लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
सचिव सामान्य प्रशासन विभाग डाॅ. कमलप्रीत ने इस संदर्भ में प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, जिला कलेक्टरों, के साथ ही विभागाध्यक्षों को आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश के मुताबिक लाॅक डाउन की अवधि में सभी सार्वजनिक स्थलों, जहां पर भीड़ एकत्र होना स्वाभाविक परिस्थितियों में शामिल है, को बंद रखे जाने का आदेश दिया गया है। इनमें सिनेमाघर, धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान, सभी प्रकार की परिवहन सेवाएं, अंतर्राज्यीय एवं अंतर्जिला परिवहन सेवाएं, वाणिज्यिक गतिविधियां, आॅटो व टैक्सी सेवाएं शामिल है। यह आदेश ग्रीन, आरेंज और रेड तीनों जोन में एक समान लागू रहेंगी।
वहीं रेड जोन को छोड़कर आरेंज व ग्रीन जोन में इन सेवाओं को शुरू करने की अनुमति राज्य सरकार ने दी है। जिनमें अतिआवश्यक सेवाओं में शामिल चिकित्सकीय सेवाओं के अलावा कृषि संबंधित कार्य, मछली पालन, पशु पालन, बागवानी आदि शामिल है। इसके अलाव वित्तीय क्षेत्र से जुडे़े कार्यों को भी छूट प्रदान किया गया है। जिसमें बैंकिंग से संबंधित सभी तरह के कार्य शामिल हैं। वहीं सामाजिक क्षेत्र में भी कुछ छूट प्रदान की गई है, जिसमें आवासीय संस्थाएं जहां वृद्धों, बच्चों और विधूर महिलाओं को रखा गया है, सामाजिक सुरक्षा पेंशन कार्यालय, ईपीएफओ कार्यालय को न्यूनतम स्टाॅफ के साथ संचालित किया जा सकेगा।
राज्य सरकार ने लाॅक डाउन को ध्यान में रखते हुए आॅनलाइन शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही डिस्टेंस एजुकेशन की भी पैरवी की है। साथ ही आदेश में यह बात भी शामिल किया गया है। सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करते हुए मनरेगा कार्य को संचालित किए जाने का भी आदेश इसमें शामिल किया गया है। आम आदमी की जरुरतों को ख्याल रखते हुए पेट्रोल-डीजल जैसी अति आवश्यक सेवाओं के साथ ही विद्युत संबंधी शासकीय कार्यों, डाक सेवाओं, जल प्रदाय, सफाई व्यवस्था के लिए नगरीय निकायों को संचालित करने की अनुमति प्रदान की गई है। साथ ही टेलीकाॅम और इंटरनेट प्रदाताओं को संचालन की छूट दी जाएगी।
मालवाहक वाहनों के आवागमन को भी इसमें छूट प्रदान की गई है, लेकिन यहां पर भी नियम सख्त रखे गए हैं। ट्रकों में जहां 2 चालक ओर एक सहायक को वैध लायसेंस के साथ परिवहन की अनुमति दी गई है, तो ट्रकों के रिपेयर के लिए दुकानों और राजमार्गों पर ढ़ाबा संचालन को छूट प्रदान की गई है।
छूट में आवश्यक सामाग्रियों के वितरण को अनुमति प्रदान की गई, वह भी सशर्त। जिसमें मुताबिक बगैर किसी समय-सीमा बंधन के और सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करना अनिवार्य शर्त में शामिल है। इनमें राशन दुकानें, रोजमर्रा के उपयोग में आने वाले सामानों की दुकानें, फल-सब्जी की दुकानें, दूध एवं डेयरी उत्पाद, मटन-मछली इत्यादि शामिल है। हालांकि यहां पर यह भी कहा गया है कि जिला प्रशासन अपने स्तर पर ज्यादा से ज्यादा होम डिलीवरी को बढ़ावा देने की दिशा में काम करे।
व्यापारिक और निजी संस्थानों के संदर्भ में जारी आदेश के मुताबिक सभी प्रकार की मीडिया, आईटी एवं संबंधित सेवाएं अधिकतम 50 प्रतिशत की उपस्थिति पर संचालित की जा सकती हैं। कुरियर सेवाओं को भी संचालित करने की अनुमति प्रदान की गई हैं। होटल, लाॅज केवल वही संचालित किए जा सकते हैं जो फंसे हुए लोगों की मदद के लिए उपयोग में लाए जा रहे हों। निजी कार्य संपादित करने वाले बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, मोटर मेकेनिक, आईटी रिपेयर जैसी सेवाओं को भी छूट प्रदान की गई है।
उद्योगों के संदर्भ में उन्हें शामिल किया गया है, जो रिहायशी इलाकों से दूरस्थ स्थापित हैं, साथ ही आने-जाने वालों पर नियंत्रण रखा जा सके। इन्हें संचालित करने के संबंध में कहा गया है कि केवल वही संस्थान, जिनमें सोशल डिस्टेंशिंग का पालन हो सके, जिन संस्थानों के श्रमिकों को ठहराने अथवा सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करते हुए लाने-छोड़ने की व्यवस्था हो। इसके अलावा जो अति आवश्यक सामाग्रियों के निर्माण का कार्य करती हों।