मरवाही। मरवाही में धान खरीदी को लेकर किसानों का गुस्सा जमकर फूट पड़ा है। मरवाही सहकारी समिति के अध्यक्ष गेंदलाल मार्को ने बताया कि इस पूरे माह में केवल 4 दिन ही धान खरीदी हुई है। खरीदी केंद्र में मात्र 6280 क्विंटल धान खरीदी गई है। बताया जा रहा है कि समिति प्रबंधकों के द्वारा तरह-तरह के बहाने बनाए जाते हैं, केवल दिन काटने का काम किया जा रहा है और इंतजार किया जा रहा है कि धान खरीदी की मोहलत कब खत्म हो तो, किसानों से छुटकारा मिले।
सहकारी समिति के अध्यक्ष गेंदलाल मार्को ने साफतौर पर कह दिया है कि यदि आज शाम तक यदि धान खरीदी फिर से शुरू नहीं की गई, तो वे आत्मदाह कर लेंगे, जिसकी जवाबदेही सरकार और प्रशासन की होगी। आक्रोशित किसानों का कहना है कि सरकार ने किसानों का मजाक बना लिया है। मौसम की मार की वजह से किसान पहले ही परेशान हैं, उस पर जो फसल किसानों ने मेहनत से पैदा किया है, कम से कम सरकार को उसका सम्मान करना चाहिए और किसानों का सहयोग करना चाहिए, लेकिन भूपेश सरकार किसानों का माखौल उड़ा रही हैं।
सहकारी समिति के अध्यक्ष ने कहा कि खुद को किसान हितैषी करार देने मात्र से कोई सरकार सचमुच हितैषी नहीं हो जाती, इसका प्रमाण भी देना पड़ता है। भूपेश सरकार वास्तव में किसानों की हितैषी है, तो एक-एक दाना धान खरीदे और प्रत्येक किसान को संतुष्ट करे।