भाजपा नेत्री मालती बाई हत्याकांड मामले पर सदन खूब गरमाया। सदन में कांग्रेस विधायक चंद्रदेव राय के सवाल के जवाब में गृहमंत्री ने प्रकरण की जानकारी दी, साथ ही ये भी बताया कि इस प्रकरण में एक आरोपी को पकड़ा गया है। लेकिन इस जवाब के दौरान जैसे ही गृहमंत्री ने बताया कि इस प्रकरण को लेकर छह SIT गठित की गयी है, सदन में हंगामा बरप गया।
विपक्ष की ओर से तीखा एतराज जताया गया कि एक ही प्रकरण में छह-छह SIT गठित क्यों की गयी। विपक्ष की ओर से अजय चंद्राकर, शिवरतन शर्मा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि एक ही प्रकरण में छह-छह एसआईटी क्यों गठित की गयी, उनके जांच के बिंदू को सार्वजनिक करने की मांग की गयी।

जवाब में गृहमंत्री ने बताया कि मौजूदा सरकार ने तो सिर्फ दो SIT ही गठित की थी, बाकि की चार SIT तो तत्कालीन भाजपा सरकार ने गठित की गयी थी। गृहमंत्री ने ये भी बताया है कि अधिकारियों के तबादले की वजह से SIT का बार-बार गठन किया गया। इस जवाब पर असंतुष्टि जताते हुए विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए पूछा कि ऐसा कभी नहीं होता कि किसी अधिकारी के तबादलने की वजह से SIT को अलग गठित करना पड़ता हो, फिर इसमें क्यों किया गया।

वहीं धर्मजीत सिंह ने भी इस मुद्दे पर गृहमंत्री को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ही नहीं, देश में भी कहीं ऐसा नहीं हुआ होगा कि एक ही प्रकरण के लिए छह एसआईटी गठित की गयी हो, तो फिर इस मामले में ऐसा क्यों किया गया। क्या किसी कलेक्टर के तबादले के बाद कलेक्टरेट बदल जाता है ??

विपक्ष के आक्रामक होते देख विधानसभा अध्यक्ष ने ये कहकर मामला शांत किया कि पूरे प्रकरण की वो खुद जानकारी मांगेंगे कि ऐसा क्यों हुआ कि एक ही प्रकरण में 6-6 एसआईटी गठित करनी पड़ गयी। इसके बाद मामला शांत हो गया।