रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के प्रमुख सचिव रहे आईआरएस अधिकारी अमन सिंह और उनकी पत्नी यास्मिन सिंह के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज कर लिया है। अमन सिंह के साथ ही उनकी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। सामाजिक कार्यकर्ता उचित शर्मा ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर अपराध दर्ज किया गया है। इस मामले में ईओडब्ल्यू के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।
बता दें कि उचित शर्मा ने दोनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ शासन से शिकायत की थी, जिसमें उन्होंने अमन सिंह पर अपने पद का दुरूपयोग करने, भ्रष्ट्राचार करने, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, शेल कंपनी बनाकर मनी लाण्ड्रिंग करने, विदेश में निवेश करने तथा चिप्स में तैनाती के दौरान अनियमिता बरतने जैसे गंभीर आरोप लगाए है। राज्य शासन ने इस शिकायत की जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दिया था, जिस पर ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
इस मामले में शिकायतकर्ता उचित शर्मा ने कहा कि मैंने काफी पहले शिकायत की थी, अब जाकर इस पर अपराध पंजीबद्ध हुआ है। उम्मीद है इस मामले में जल्दी जांच किया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ और भी शिकायतें हैं, उम्मीद है कि ईओडब्ल्यू उस पर भी जल्दी जांच करेगी।
विदित है कि इस मामले को लेकर अमन सिंह और उनकी पत्नी यास्मीन सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जांच में किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई है। जस्टिस गौतम भादुड़ी की सिंगल बेंच ने इस मामले की सुनवाई की थी। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद ईओडब्ल्यू ने मामले में तत्परता दिखाते हुए अब एफआईआर दर्ज कर ली है।
अमन कुमार सिंह की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले के साथ-साथ पत्नी यास्मीन सिंह की संविदा नियुक्ति, जरूरत से ज्यादा भुगतान करने के मामले में राज्य शासन ने जांच के आदेश दिए थे, इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। 16 जनवरी 2020 को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें फौरी राहत दी थी। इसके बाद हुई 10 फरवरी की सुनवाई में जस्टिस गौतम भादुड़ी की सिंगल बेंच ने सरकार का जवाब आने के बाद यह आदेश दिया था कि आपराधिक मामलों पर किसी तरह की रोक नहीं होगी। याचिका पक्ष के वकील ने कोर्ट में जांच किए जाने का विरोध किया, इस पर कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा था कि जांच एजेंसी पर किसी तरह की रोक नहीं होगी, जांच की दिशा एजेंसी तय करेगी।