रायपुर। प्रदेश में शराब दुकानों के खुलने के साथ ही राजनीति शुरू हो गई है। विपक्ष में बैठी भाजपा ने शराब दुकानों के खोले जाने के विरोध में राजधानी में जिस तरह के विरोध का प्रदर्शन किया, वह ना केवल हैरान करने वाला था, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशों की धज्जियां उड़ाने वाला भी साबित हुआ। सैकड़ों की तादाद में एक साथ पहुंचकर भाजपाईयों ने जिस तरह से प्रदर्शन किया, उसमें विरोध कम राजनीति ज्यादा और सोशल डिस्टेंशिंग का खुलेआम माखौल उड़ाने का तरीका नजर आया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय दिशा निर्देशों का पालन करते हुए प्रदेश में शराब दुकानों को खोलने की अनुमति प्रदान की है। इसके साथ ही प्रशासन को इस बात के लिए बेहतर समझाइश भी दी है कि शराब की दुकानों में हर तरह से नियमों का पालन किया जाना चाहिए। सीएम के आदेश के मुताबिक ही शराब की दुकानों में इस तरह की व्यवस्था बनाई गई है, जिससे एक साथ एक ही समय पर भीड़ ना हो। हालांकि कुछ जगहों पर इस तरह की अव्यवस्था भी बनी, लेकिन उसे नियंत्रित करने में सफलता मिल गई। लोग धूप में खड़े होकर बारी का इंतजार कर शराब खरीदते रहे, लेकिन किसी तरह का शोर-शराबा नहीं हुआ।

राजधानी के एक शराब दुकान में नियमों के पालन के साथ खरीदी करते लोग

दूसरी तरफ एक तस्वीर ऐसी भी सामने आई है, जिसमें भाजपा कार्यकर्ता शराब दुकानों को खोले जाने के विरोध में बोतलें फोड़ रहे हैं, सीएम और आबकारी मंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। उस समय उन्हें इस बात का जरा भी इल्म नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरी देश की जनता से एक नहीं दर्जनों बार सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करने की समझाइश और हिदायत दोनों ही दी है।

शराब दुकान खुलने का विरोध प्रदर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंशिंग की धज्जियाँ उड़ाते भाजपाई