Bundelkhand Expressway : दिल्ली से चित्रकूट का रास्ता अब करेंगे सिर्फ 6 घंटे में तय, यूपी को पीएम मोदी ने दी बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की सौगात

Bundelkhand Expressway : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) ने आज चित्रकूट (Chitrakoot)और इटावा( Etawah)को जोड़ने वाले उत्तर प्रदेश के छठे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस परियोजना की नींव प्रधान मंत्री द्वारा 2020 में रखी गई थी और यह परियोजना अब पूरी हो चुकी है। जालौन में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के दौरान पीएम मोदी के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath)भी मौजूद रहे। 296 किलोमीटर लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway)राज्य में 14,850 करोड़ रुपये के निवेश से निर्मित चार लेन के साथ परिवहन सेवाओं की सुविधा प्रदान करेगा।

पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि ये एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड की गौरवशाली परंपरा को समर्पित है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से चित्रकूट से दिल्ली की दूरी तो 3-4 घंटे कम हुई ही है, लेकिन इसका लाभ इससे भी कहीं ज्यादा है। ये एक्सप्रेसवे यहां सिर्फ वाहनों को गति नहीं देगा, बल्कि ये पूरे बुंदेलखंड की औद्योगिक प्रगति को गति देगा। उन्होंने कहा कि पूरे यूपी की पहचान बदल रही है।

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गौरतलब हो की आने वाले समय में एक्सप्रेसवे को छह लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा विकसित किया गया है। चित्रकूट और इटावा के साथ, एक्सप्रेसवे सात जिलों, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन और औरैया से होकर गुजरेगा।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे चित्रकूट जिले में भरतकूप के पास से शुरू होता है और इटावा जिले के कुदरैल गांव के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के साथ मिल जाता है। इसमें चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा के सात जिले शामिल हैं। सड़क में कई नदियों पर क्रॉसिंग हैं: बागान, केन, श्यामा, चंदावल, बिरमा, यमुना, बेतवा और सेंगर। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे राज्य में कनेक्टिविटी बढ़ाने वाले प्रमुख लिंक में से एक है। फोर लेन एक्सप्रेस-वे की वजह से दिल्ली और चित्रकूट के बीच का सफर, जिसमें 9-10 घंटे लगते थे, अब अनुमान के मुताबिक करीब 6 घंटे में पूरा किया जा सकता है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आगामी उत्तर प्रदेश रक्षा गलियारा परियोजना की सफलता के लिए भी महत्वपूर्ण है।

बांदा और जालौन जिलों में औद्योगिक कॉरिडोर पर निर्माण भी शुरू हो गया है। राज्य के पश्चिमी, मध्य और बुंदेलखंड हिस्सों में 20,000 करोड़ रुपये की रक्षा गलियारा परियोजना के 5,071 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र शामिल हैं। अधिकारियों द्वारा परियोजना की कुल लागत 15,000 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। हालांकि, योगी आदित्यनाथ प्रशासन ने ई-टेंडरिंग चुनकर करीब 1,132 करोड़ रुपये की बचत की है।