रायपुर। कोटा से लौटे छात्र-छात्राओं के रुकने की पूरी हुई व्यवस्था रायपुर, दुर्ग सहित प्रमुख जिलों में कर ली गई है। छात्राओं के लिए दुर्ग के विज्ञान विकास केंद्र में रुकने की गई व्यवस्था की गई है। कोरोना संक्रमण की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 10 टीम लगाई हैं। वहीं छात्राओं की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। सोशल डिस्टेंसिंग के नियम पालन कराने का भी इंतजाम किया गया है। बता दें कि कोटा से छात्रों को लेकर आ रही बसें छत्तीसगढ़ पहुंच गईं हैं। सागर-मंडला होते हुए ये बसें पहले कवर्धा फिर रायपुर पहुंची हैं।
जानकारी के मुताबिक कोटा से लाए जा रहे सभी छात्रों को रायपुर में बनाए गए 4 क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। सोमवार 27 अप्रैल को दी गई जानकारी के मुताबिक ऐहतियातन इन छात्रों को राज्य के दूसरे जिलों में 14 दिनों के क्वांरटाइन अवधि में रखा जायेगा। रायपुर में प्रदेश के विभिन्न जिलों के करीब एक हजार बच्चे रूकेगें। वहीं दुर्ग में छात्राओं के रुकने की व्यवस्था की गई है।
कलेक्टर डॉ एस भारती दासन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख ने इन बच्चों के ठहरने की दृष्टि से रायपुर में चिन्हित किये गए प्रयास आवासीय विद्यालय बालक छात्रावास सड्डू, प्रयास आवासीय विद्यालय बालिका छात्रावास गुढियारी, ज्ञान गंगा स्कूल छात्रावास का अवलोकन किया था, उन्होंने यहां बच्चों के लिए रूकने के लिए कमरों, रसोई, शौचालय तथा अन्य व्यवस्थाओं का मुआयना किया। इसके अलावा उन्होंने राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र का भी अवलोकन किया । कलेक्टर ने इन परिसरों को सेनिटाइज करने तथा यहां बच्चों के स्वास्थ्य जांच करने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। इन केन्द्रों में बच्चों के रहने के साथ भोजन आदि की भी व्यवस्था रहेगी और बच्चों से मिलने-जुलने की अनुमति नहीं रहेगी ।