रायपुर। महज 12 साल की नाबालिग की अकाल मौत ने ना केवल परिजनों को, बल्कि सरकार को भी विचलित कर दिया है। कोरोना महामारी की वजह से देशभर में लाॅकडाउन के चलते तमाम साधन और संसाधनों पर रोक लगी हुई है। जिसके कारण बड़ी तादाद में लोग अपने घर पहुंचने की जिद में पैदल ही यात्रा कर रहे हैं, जिसका एक दुष्परिणाम सामने आया है। भले ही बालिका की मौत कोरोना संक्रमण से नहीं हुई है, लेकिन कारण फिर भी वही है। इस आपात घड़ी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बच्ची के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक लाख की सहयोग राशि प्रदान की है।

बीजापुर जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के विकासखण्ड बीजापुर के ग्राम आदेड़ से 12 सदस्यीय दल 2 फरवरी को कनहाईगुड़ा तेलंगाना में मिर्ची तोड़ने गए थे। वर्तमान में कोरोना वायरस की महामारी से सुरक्षा के लिए लॉकडाउन होने के कारण सभी 12 सदस्य 15 अप्रैल को कार्यस्थल तेलंगाना से अपने निवास स्थान के लिए पैदल निकले थे। 18 अप्रैल को भण्डारपाल विकासखण्ड उसुर के समीप पहुंचकर सभी लोगों ने भोजन किया। भोजन के उपरांत सबेरे 10 बजे कुमारी जमलो मड़कम उम्र 12 वर्ष पिता आंदो मड़कम को गले में दर्द, पेट दर्द एवं सांस लेने में परेशानी होने के कारण मृत्यु हो जाने की जानकारी मृतिका के जीजा सुनील माड़वी ने दी।
सूचना के अनुसार मृतिक बालिका रात्रि में स्वस्थ्य थी और भोजन भी किया था। शाम 4 बजे सीएमएचओ एवं डॉ. पी. विजय द्वारा मृतिका के शव को शव वाहन में जिला चिकित्सालय लाया गया और अन्य 11 सदस्यों को दूसरे वाहन से बीजापुर लाकर कोरेंटाइन सेंटर में कोरेंटाइन किया गया। 19 अप्रैल को मृतिका का ब्लड सैंपल की रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज जगदलपुर से नेगेटिव आने पर 20 अप्रैल को जिला चिकित्सालय बीजापुर द्वारा थाना कोतवाली बीजापुर को सूचना देते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया गया एवं मृतिका के परिवार को शव सुपुर्द कर दिया गया। पोस्टमार्टम उपरांत विसरा प्रीजर्व जांच के लिए रायपुर भेजा गया।