रायपुर,छत्तीसगढ़। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज शाम राजधानी रायपुर में एक निजी मीडिया गु्रप द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित महिला सम्मेलन तथा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रदेश के छह महिलाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज में महिलाओं के उत्थान के बिना समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। समाज में किसी भी युग में जब-जब नारी की अवहेलना हुई है, तब तक उस युग में समाज पतन के गर्त पर चला गया। इस तरह मातृ शक्ति के बिना किसी भी समाज के समग्र विकास का होना संभव नहीं है। उन्होंने आधुनिक युग में देश और प्रदेश की तरक्की तथा आजादी में महिलाओं के योगदानों के बारे में विशेष रूप से उल्लेख करते हुए उनके पुरूषों के कंधे से कंधा मिलाकर किए गए संघर्ष को स्मरण किया। इस तारतम्य में उन्होंने आजादी के बाद देश के प्रथम महिला प्रधानमंत्री मती इंदिरा गांधी के योगदान का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास के हर क्षेत्र में महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। विगत सवा साल से छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के सम्मान को अधिकार देकर उसे मजबूत बनाया है। इसके तहत राज्य में महिला सम्मान को उनके अधिकारों और स्वालम्बन से जोड़ने की रणनीति अपनाई गई है।

राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को उपलब्ध कराए गए उपयुक्त अवसरों से हुए आर्थिक स्वालंबन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले महिलाओं को सम्मानित किया। इनमें राजनीति के क्षेत्र में सु सरोज पाण्डेय, उद्यमशीलता और समाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में पद्म फुलबासन बाई यादव, समाज सेवा के क्षेत्र में सु तूलिका पांडे, खेल-कूद के क्षेत्र में सु रेणुका यादव, प्रशासनिक क्षेत्र में आईपीएस नीतू कमल और कला-संस्कृति के क्षेत्र में सु अमृता तालुकदार को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आभार प्रदर्शन इंडिया टुडे के संपादक अंशुमान तिवारी ने किया।