बिलासपुर। पुलिस कस्टडी में हुई मौत मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य शासन, गृह सचिव, डीजीपी, एसपी बिलासपुर, मरवाही के थाना प्रभारी को 4 सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। बता दें कि मरवाही निवासी चंद्रिका प्रसाद तिवारी जमीन विवाद को लेकर पुलिस को फोन कर सूचना दी थी। मौके पर पहुंची 112 वाहन कर्मी सूचना देने वाले चंद्रिका प्रसाद तिवारी व उनके बेटे दिनेश तिवारी को अपने साथ वाहन में ले गई। आरोप है कि थाने में ले जाने के बाद रात भर पिता-पुत्र की पुलिस ने पिटाई की। मरने की स्थिति में पहुंच चुके चंद्रिका प्रसाद तिवारी को इलाज के लिए पुलिस द्वारा सिम्स ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

मामले की निष्पक्ष जांच के लिए बेटे दिनेश तिवारी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका लगाई, जिस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के जस्टिस संजय के अग्रवाल की बेंच ने मामले में राज्य शासन ,गृह सचिव ,डीजीपी, एसपी बिलासपुर व मरवाही के थाना प्रभारी को 4 सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।