विधानसभा में डाॅ. रमन ने पूछा था सवाल… कितने आईएएस गए विदेश भ्रमण…. पूर्व सीएम के सवाल पर आईएएस कुनबा उनसे नाराज…. अनुमति देने वाले खुद थे सरकार

रायपुर। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने आईएएस अधिकारियों के विदेश भ्रमण पर सवाल उठाया था। इस सवाल को लेकर प्रदेश के आईएएस अधिकारियों में खासा आक्रोश है। वजह, आईएएस अधिकारियों को विदेश भ्रमण के लिए अनुमति उनके ही कार्यकाल में मिली थी। खबर यह भी है कि आईएएस अधिकारियों के विदेश भ्रमण पर सरकार ने नहीं, बल्कि स्वयं अधिकारियों ने खर्च वहन किया था।
भारत सरकार के डीओपीटी के जारी सर्कुलर का हवाला देते हुए आईएएस एसोसिएशन की तरफ से जानकारी मिली है कि अखिल भारतीय सेवा में पदस्थ अधिकारियों की निजी यात्रा के लिए किसी तरह की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। इन तमाम विषयों को लेकर आईएएस एसोसिएशन एक बड़ी बैठक की तैयारी में है। आईएएस एसोसिएशन का कहना है कि सरकारी यात्राओं का पूरा विवरण सरकार के पास होता है, लेकिन निजी यात्राएं जो स्वयं के वहन पर की जाती हैं, उसकी जानकारी सरकार को देने की आवश्यकता नहीं होती।
गौर करने वाली बात यह है कि विगत 15 सालों तक राज्य में डाॅ. रमन की सरकार रही है। नई सरकार में एक भी यात्रा नहीं की गई, इसके बाद भी पूर्व मुख्यमंत्री ने ऐसा सवाल विधानसभा सत्र में उठाया, जिसका लेना-देना उनके ही कार्यकाल का है। आईएएस अधिकारियों की नाराजगी की एक बड़ी वजह यह भी है कि 15 सालों में उनकी सरकार में उन्ही की सेवा में लगे अधिकारियों की निष्ठा पर सवालिया निशान लगाया है।
इसी तरह डाॅ. रमन सिंह विधानसभा में एक और प्रश्न नाॅन घोटले पर भी पूछ गए अपने ही प्रश्न पर स्वंय ही घिर गए। जिसमें उन्होंने पूछा था कि हाईकोर्ट में दायर नान प्रकरण में पीआईएल में शासन ने किन किन निजी वकीलों को नियुक्त किया है। क्या इनके लिए शासकीय विमान का उपयोग किया गया है। यह प्रश्न भी डाॅ. सिंह पर भारी पड़ गया जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जबाव में यह कहा कि नाॅन की डायरी में सीएम सर, और सीएम मैडम कौन है, यह जानने के लिए हमने एसआईटी का गठन किया है। पहले इस मामले की पूरी जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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