रायपुर। कोरोना वायरस के कहर को देखते हुए प्रदेशभर में धारा 144 प्रभावशील है। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों की सीमाओं को सील कर दिया गया है। राजधानी में बाहर से आने वाले को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है, जिसके लिए प्रत्येक इंट्री प्वाइंट पर पुलिस बल भी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। इस बीच जारी आदेश में जनसंपर्क आयुक्त, छत्तीसगढ़ शासन तारण प्रकाश सिन्हा ने प्रदेशभर के कलेक्टरों को प्रेस-मीडिया की स्वतंत्रता को बाधित नहीं किए जाने का फरमान जारी कर दिया है। इस आदेश के मुताबिक राजधानी सहित पूरे प्रदेश में कार्यरत प्रेस व मीडिया चाहे वह प्रिंट के हो या फिर इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के, उन्हें उनके काम को करने से नहीं रोका जाना है।

आयुक्त जनसंपर्क ने स्पष्ट किया है कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन आम आदमी के माध्यम से तभी कराया जा सकता है, जब इस आदेश की जानकारी आम आदमी तक पहुंच पाएगी। इस काम को केवल प्रिंट, इलेक्ट्राॅनिक और वेब पोर्टल के माध्यम से ही आम लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बेहद स्पष्ट शब्दों में जिलाधिकारियों को कहा है कि सरकार और आम जनता के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी प्रेस-मीडिया ही है। जिन बातों को आम आदमी तक पहुंचाया जाना है, उसे केवल प्रेस और मीडिया के लोग ही आसान भाषा में पहुंचा सकते हैं। अतएव इस मुश्किल की घड़ी में शासन और प्रशासन के साथ प्रेस और मीडिया भी कोरोना महामारी से जूझ रही है, लेकिन उनके हौसले बुलंद है, जिसकी वजह से वे दिनभर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर रहकर खबरों के माध्यम से प्रदेश की जनता को आगाह करने में शासन को मदद कर रहे हैं, लिहाजा उन्हें और उनके काम को किसी तरह से भी बाधित न किया जाए। सभी जिलों के कलेक्टरों को यह भी निर्देश दिया गया है कि पुलिस भी प्रेस-मीडिया के लोगों को अनावश्यक परेशान न करें, इस बात को भी सुनिश्चित किया जाए।