प्रेम जाल में फंसाया…. कोर्ट में की शादी….. फिर लिव इन रिलेशनशिप….. और अंत में निर्मम हत्या…..

रायपुर। यह किसी हिन्दी फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि दो दिनों पहले राजधानी के गोदावरी नगर में हुए दोहरे हत्याकांड की कलई है, जो आज खुलकर सामने आई है। इस निर्मम हत्या में एक ही परिवार की दो बहनों को मौत की नींद सुलाने वाले तीन दरिंदों को राजधानी पुलिस ने आखिरकार धर दबोचा है। इस हत्याकांड की पूरी कहानी रायगढ़ से शुरू हुई थी, जिसका अंत मंजू और मनीषा सिदार की मौत पर आकर खत्म हुई।
पुलिस के मुताबिक रायगढ़ की रहने वाली मंजू सिदार रायपुर में रहकर नर्सिंग की पढाई कर रही थी। मंजू के साथ उसकी छोटी बहन मनीषा भी रहती थी। दोनों टिकरापारा के गोदावरी नगर में किराये के मकान में रह रहे थे। मंजू की कुछ साल पहले ही रायगढ़ निवासी सैफ खान के साथ दोस्ती हुई। मुख्य आरोपी सैफ ने मंजू को अपने प्रेम जाल में फांस लिया और कोर्ट मैरिज कर रायगढ़ में ही लिविंग में रहने लगे। इस बात की जानकारी मंजू के परिवार वालों को हुई तो उन्होंने इसके लिये उसे बहुत डांट-फटकार लगायी और सैफ से बातचीत करने के लिये मना भी किया।
इसके बाद युवती के घर वालों ने मनीषा को नर्सिंग के लिये उसकी छोटी बहन के साथ रायपुर भेज दिया गया। मंजू रायपुर में रहकर नर्सिंग करने लगी थी और सैफ से बातचीत बंद कर दी थी। आरोपी सैफ को यह बात नागवार गुजरी और उसने बदला लेने के हत्या की खौफनाक प्लानिंग तैयार की, जिसके तहत वह दो दोस्तों को लेकर रायपुर आया।
सैफ पूरी प्लानिंग के तहत 10 दिसबंर को अपने दो दोस्तों के साथ रायगढ़ से रायपुर पहुंचा। रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद तीनों ऑटो से मृतिका के किराये के मकान टिकरापारा पहुंचे। आरोपी ने बडे ही शातिर तरीके से अपने एक दोस्त को लोगों पर नजर रखने के लिये नीचे रखा और एक अन्य दोस्त के साथ मृतिका के कमरे में जा घुसा। जब आरोपी युवती के कमरे में पहुंचे उस दौरान मंजू और उसकी छोटी बहन खाना खा रही थी। आरोपी ने विवाद करते हुये घर में रखे तावे से मंजू के सर पर जोरदार वार किया। वार इतना भयानक था कि मृतिका मौके पर ही मौत हो गयी। घटना को देख जब छोटी बहन मनीषा ने चीख-पुकार की तो सैफ और उसके दोस्त ने मृतिका की बहन को भी तावे से मार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गये।
एसएसपी आरिफ शेख ने घटना की सूचना मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुये क्राईम एडिशनल एसपी, सीएसपी अभिषेक माहेश्वरी, पुरानी बस्ती सीएसपी कृष्णा पटेल को जांच का जिम्मा दिया। सीएसपी अभिषेक महेश्वरी और क्राईम एडिशनल एसपी पंकज चंद्रा के नेतृत्व में इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग की गयी। पुलिस ने घटना स्थल पर लगे सभी सीसीटीवी को खंगालना शुरू किया, उस दौरान पुलिस को सीसीटीवी में दो संदेही दिखायी दिये। इसी के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस को पता चला कि आरोपी रायगढ़ के निवासी है, इसके बाद स्पेशल टीम बनाकर आरोपी की धर पकड़ के लिये टीम रायगढ़ रवाना हुई। पुलिस को आरोपियों को पकड़ने के लिये काफी मशक्कत करनी पढ़ी। आरोपियों के बार बार जगह बदलने से पुलिस की मुश्किलें बढ़ती जा रही थीं, लेकिन दरिंदों के खिलाफ राजधानी पुलिस ने भी जिद ठान ली थी। पकडे जाने के दर से आरोपी सैफ मध्यप्रदेश के सतना में जाकर छिप गया था। पुलिस ने सैफ को सतना मप्र, गुलाम मुस्तफा को काली पेंड्रा और नाबालिग आरोपी को रायगढ़ से धर दबोचा।

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